ऊर्जा मंत्री ने किया रमक झमक के फ्लैक्स का विमोचन बीकानेर, 29 जनवरी। ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने शनिवार को सर्किट हाउस में पुष्करणा ब्राह्मण समाज के सामूहिक सावे (ओलंपिक) से संबंधित रमक झमक संस्था के फ्लैक्स का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुष्करणा समाज का सामूहिक सावा मितव्ययता और परंपराओं के संरक्षण के दृष्टिकोण से पूरे देश के लिए एक मिसाल है। एक दिन में होती है सैकड़ों शादियां ओलंपिक सावे के दौरान शहरी क्षेत्र में एक ही दिन में बड़ी संख्या में विवाह होते हैं।…
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संस्कृति की संवाहक ‘रमक झमक’ का जिला प्रशासन ने किया सम्मान
संस्कृति की संवाहक ‘रमक झमक’ का जिला प्रशासन ने किया सम्मान। ओझा ने कहा यह सम्मान सभी परम्परा व संस्कृति प्रेमियों को समर्पित । समाज और संस्कृति का सम्मान है:- राजस्थानी गीतकार शिवराज छंगाणी रमक झमक परिवार सेवा संस्कार और संस्कृति के लिये शहर परकोटे मे लगभग 40 वर्षों से समाज और शहर की पौराणिक संस्कृति व परम्पराओ के सरंक्षण हेतु निरन्तर कार्य कर रही है। विशेष रूप से पुष्करणा सावा जैसी पौराणिक संस्कृति को अक्षुण बनाए रखने के लिये सतत् प्रयासरत रहती है। सावा संस्कृति में युवाओं की रुचि…
Read Moreऊंट उत्सव 2022 भी हुआ रद्द, यहां देख सकते है राजस्थान बीकानेर की संस्कृति
बीकानेर। पर्यटन विभाग द्वारा हर वर्ष पर्यटकों को बीकानेर की तरफ आकर्षित करने के लिए ऊंट उत्सव का आयोजन किया जाता है। जिसमे पूरे राजस्थान सहित विशेष रूप से बीकानेर की सांस्कृतिक झलक दिखाई जाती है। बीकानेर के लोगों और विदेशी पावणो को इस दिन का इंतजार हर साल लगा रहता है। लेकिन कोरोना के चलते पिछले वर्ष इसे रद्द कर दिया गया था। इस वर्ष 9 जनवरी से ऊंट उत्सव का आयोजन शुरू होने की घोषणा हो रखी थी। लेकिन पिछले कई दिनों से कोरोना के मामले तेजी से…
Read Moreजोधपुर के नवें अग्निहोत्री बने राजशेखर बिस्सा
जोधपुर/बीकानेर। वर्तमान में उतर भारत से सिर्फ 8 ही अग्निहोत्री है और सभी जोधपुर से है। अब जोधपुर से ही राजशेखर बिस्सा (पुत्र रामेश्वर जी बिस्सा अग्निहोत्री) नवें अग्निहोत्री बन गए है जिन्होंने महाराष्ट्र के विद्वान विनायक जी काली से अग्निहोत्र की दीक्षा ली है। राजशेखर जोधपुर में अग्निहोत्र परंपरा को श्री सोमदत्त जी पुरोहित के अंतर्गत इसे आगे बढ़ाएंगे।
Read Moreपुष्करणा सावा का यज्ञोपवीत सहित विस्तृत कार्यक्रम जारी देखें
बीकानेर शहर के अन्दर होने वाले पुष्करणा समाज के सामुहिक सावे की शोभा यात्रा लालाणी व्यासो के चौक से रवाना होकर कीकाणी व्यासों के चौक से होती हुई समाज की सभी पुष्करणा जातियों के लोगो को साथ लेकर शाही बेण्ड बाजे के साथ मानेश्वर महोदव मंदिर पहुची। मंदिर परिसर में सामूहिक विवाह व यज्ञोपवित के क्रार्यक्रमो की विद्वान पण्डितों व पंचागकर्ताओं की उपस्थिति में विचार विमर्श के उपरान्त पौराणिक परम्परानुसार चौथाणी ओझा परिवार के पंण्डित सुशील कुमार ओझा द्वारा विधि विधान के साथ पुष्करणा ब्राहमणों के बटुको के यज्ञोवित कार्यक्रम…
Read Moreनाहरसिंह का कड़ा, जो सिंवरे हाजिर खड़ा
नाहरसिंह का कड़ा, जो सिंवरे हाजिर खड़ा।। लक्ष्मी पूजन से पहले होती है नारसिंह पुजा।। दीपावली से एक दिन पहले बीकानेर शहर में या बीकानेर के लोग जहां भी रहते है, वो नरक चतुर्दशी को भगवान नाहरसिंह की पूजा करते है। शाम को भोजन पकाने वाले स्थान रसोई को धो पूछ कर दीवार पर मिट्टी गोबर का लेपन का अथवा रसोई की दीवार को सिर्फ धो पूछ गंगाजल से शुद्ध कर घृत सिंदूर व कुंम कुंम से त्रिशूल की आकृति उकेर कर सपरिवार पञ्चोपचार पूजन करते है तथा प्रार्थना व…
Read Moreजानिये क्या है धनतेरस मनाएं जाने की वजह और खरीदारी का महत्व व शुभ मुहूर्त
हिन्दू संस्कृति के सबसे बड़े त्योहार दीपावली की शुरुआत धनतेरस से होती है। पांच दिवसीय दीप पर्व की शुरुआत कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी से होती है। धनतेरस का दिन भगवान धन्वंतरि को समर्पित है। इस दिन समुन्द्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे । जिन्होंने आयुर्वेद का प्रचार प्रसार कर लोक कल्याण शुरू किया। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार और प्रसार के लिए ही भगवान विष्णु ने धन्वंतरी का अवतार लिया था। भगवान धन्वंतरी जी…
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