कल बीकानेर शहरी परकोटे में रहेगी अंतराष्ट्रीय ऊंट उत्सव की रौनक

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बीकानेर । बीकानेर कार्निवल के साथ शुक्रवार को तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय ऊंट उत्सव की शुरूआत होगी। कार्निवल में देश-प्रदेश की बहुरंगी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि बीकानेर कार्निवल की शुरूआत दोपहर 2 बजे होटल लालगढ़ से होगी। यह कार्निवल यहां से लक्ष्मी निवास पैलेस, तीर्थंभ सर्किल, जूनागढ़ के आगे से होते हुए पब्लिक पार्क पहुंचेगी। कार्निवल में बीएसएफ का ऊंट दस्ता, विंटेज कारें, रॉयल एन्फील्ड बाइक्स, विभिन्न कार्टून्स का रूप धरे बच्चे, ऊंट गाड़ों पर कच्छी घोड़ी, मयूर नृत्य, बहरूपिया, कठपुतली,…

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राजस्थानी सांस्कृतिक मॉडलिंग शो में बीकानेर के स्लाइट पुरोहित पहले रनरअप

mr rajasthan
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राजस्थानी कल्चरल मॉडलिंग शो का हुआ आयोजन राजस्थानी संस्कृति और राजस्थानी पहनावे को प्रोत्साहन देने के लिए ड्रीमस्टार प्रोडक्शन हाउस के तत्वाधान में कल 7 जनवरी 2023 को नोबल स्कूल, फालना में राजस्थानी टीम पर मॉडलिंग फैशन शो का आयोजन हुआ। जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नोबल स्कूल की संरक्षिका सुधा वर्मा समाजसेवी अमित मेहता अधिवक्ता कमल श्रीमाली थे जिसमे आने वाले मुख्य अतिथियों व प्रतिभागियों का राजस्थानी रीति रिवाज के साथ स्वागत किया गया। शो में राजस्थानी वेशभूषा पहन युवक युवतियां रैंप पर उतरे। मिस्टर राजस्थान, 1st runner up…

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क्या है धनतेरस का अर्थ क्यों मनाते है क्या है इसका महत्व

dhanteras festival kyo manaya jata hai
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धनतेरस का अर्थ क्या है ? इस त्यौहार को क्यों मनाते है ? क्या धनतेरस को धन से जोड़कर देखना सही है ? और इस त्यौहार को क्यों मनाया जाता है धनतेरस का क्या महत्त्व है ? धनतेरस के दिन क्या खरीददारी करना शुभ माना जाता है ? अगर ये जानने की जिज्ञासा आप रखते है तो हम आपको ये सभी जानकारी देने जा रहे है। क्या है धनतेरस का अर्थ और क्यों मनाया जाता है पांच दिन के दीपावली पर्व को एकीकृत रूप में देखा जाता है इसके हर…

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नये संसद भवन में अशोक स्तंभ को रूप देने वाले मूर्तिकार लक्ष्मण व्यास, साहित्यकार छंगाणी, डॉ सोनी व डाँ अबरार का रमक अभिनन्दन

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संसद भवन में राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ को आकार देने वाले देश के प्रख्यात मूर्तिकार लक्ष्मण व्यास, साहित्यकार छंगाणी, डॉ सोनी व डॉ अबरार का अभिनन्दन   बीकानेर। सांस्कृतिक गतिविधियों में निरन्तर गतिशील संस्थान रमक झमक के खुले प्रांगण में सांस्कृतिक विरासत व पौराणिक कला पर चर्चा तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया। समारोह में संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ को आकार देने वाले देश के प्रख्यात मूर्तिकार लक्ष्मण व्यास का भव्य अभिनन्दन किया गया। रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’, राधेकृष्ण ओझा,…

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मेले मगरिये, कौनसा मेला कब कहां और क्या खास, देखे कैलेंडर

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पूरे साल में जिस त्योहार और मेलो का सबसे ज्यादा इंतजार रहता है वो अब शुरू हो चुके है। इसके बारे में कहावत भी प्रचलित है – ‘तीज त्योहारा बावड़ी, ले डूबी गणगौर’ इसका अर्थ है तीज से त्योहारों की शुरुआत हो जाती है और गणगौर आते ही समापन हो जाता है। अब तीज से त्योहारों और पर्व की शुरुआत हो चुकी है और इसके लिए रमक झमक आपको ‘ मेला मगरिया व त्योहार ‘ का कैलेंडर तिथि उपलब्ध करवा रहा है। चौमासे में चार महीनें तक कोई भी पर्व…

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पशु पक्षियों की अठखेलियों से पता चल जाता है बारिश कब होगी

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सेटेलाइट से हमारे मौसम विभाग द्वारा वर्तमान समय में बारिश पर भविष्यवाणी की जाती है। लेकिन जब आज का आधुनिक सिस्टम नही था विज्ञान नही था तब भी हमारे बुजुर्ग भी अनूठे तरीकों से अनुमान लगा लेते थे और आज भी गांवों में बड़े बुजुर्ग कई तरीकों से बारिश का अनुमान बता देते है। पारंपरिक तरीके से बुजुर्ग कीट, पतंग, पशु व पक्षियों के व्यवहार से ही बरसात का अनुमान लगा लेते थे और आज भी बुजुर्गो से ये तरीके सुनने को मिल जाते है। प्रकृति को लगातार महसूस करने…

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‘ दाड़ी ऊपर टैक्स ‘

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जमानौ बदळग्यौ, रंग-ढंग बदळग्या , भेस बदळग्यौ भासा बदळगी, मन बदळग्या , मानतावां बदळगी, सैंसकार बदळग्या धरम रौ सरूप बदळग्यौ अर बदळग्या मोल तोल करण री निजर रा आधार । पण आ सगळी उथळ-पुथळ घणखरी सैरां मैं ई हुई । गांव इणां सूं घणी बातां मैं अछूता रैयग्या । म्हारां गांवां मैं हाल ई जूनी बातां अर इसा भोळाभाळा मिनख मिळे है जिकां नै बदळियोडै जमानै री हवा ई का छीपी नी। म्हांरौ लक्खू जाट इणी तरै रौ जीव हौ। किणी काम सूं माड़ाणी सैर रौ मूंडौ देखणौ पड़ियौ ।…

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