नाहरसिंह का कड़ा, जो सिंवरे हाजिर खड़ा

Naaharsingh puja deepawali bikaner
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नाहरसिंह का कड़ा, जो सिंवरे हाजिर खड़ा।। लक्ष्मी पूजन से पहले होती है नारसिंह पुजा।। दीपावली से एक दिन पहले बीकानेर शहर में या बीकानेर के लोग जहां भी रहते है, वो नरक चतुर्दशी को भगवान नाहरसिंह की पूजा करते है। शाम को भोजन पकाने वाले स्थान रसोई को धो पूछ कर दीवार पर मिट्टी गोबर का लेपन का अथवा रसोई की दीवार को सिर्फ धो पूछ गंगाजल से शुद्ध कर घृत सिंदूर व कुंम कुंम से त्रिशूल की आकृति उकेर कर सपरिवार पञ्चोपचार पूजन करते है तथा प्रार्थना व…

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जानिये क्या है धनतेरस मनाएं जाने की वजह और खरीदारी का महत्व व शुभ मुहूर्त

Dhanteras muhurt
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हिन्दू संस्कृति के सबसे बड़े त्योहार दीपावली की शुरुआत धनतेरस से होती है। पांच दिवसीय दीप पर्व की शुरुआत कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी से होती है। धनतेरस का दिन भगवान धन्वंतरि को समर्पित है। इस दिन समुन्द्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे । जिन्होंने आयुर्वेद का प्रचार प्रसार कर लोक कल्याण शुरू किया। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार और प्रसार के लिए ही भगवान विष्णु ने धन्वंतरी का अवतार लिया था। भगवान धन्वंतरी जी…

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ये ध्यान रखने से लक्ष्मी जी जरूर आएगी आपके घर

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यूँ तो हर पल नया है आने वाला हर दिन नया है लेकिन आप जानते होंगे हमें हमेशा से त्योहार के दिनों में यही कहा जाता है कि ये नये दिन है। नये दिन का अर्थ क्या है वास्तव में दीपावली से एक तरह की नये जीवन की शुरुआत होती है। दीवाली से कई दिन पहले ही साफ सफाई, रंगाई-पोताई शुरू हो जाती है। घर की हर छोटी से छोटी चीज को भी साफ करके रखा जाता है। सभी गैरजरूरी वस्तुओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। नए…

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नरक चतुर्दशी क्या है इस दिन किसकी पूजा का है महत्व जानिए सम्पूर्ण कथाएं

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सतयुग से शुरुआत होकर त्रेता, द्वापर में कई ऐसी बड़ी घटनाएं हुई है जिसे विशेष माना जाता है। एक ही विशेष दिन कई ऐसे पर्व, आयोजन, घटनाएं आदि हुई है। इसे इस तरह से समझा जा सकता है जैसे परिवार की अलग अलग पीढ़ियों के सदस्यों का जन्मदिन एक ही तिथि को पड़ता हो तो कई बार दादा और पोते के जन्मदिन को एक ही दिन मनाया जाता है। क्योकि वे अपने अपने समय मे उसी तिथि के दिन पैदा हुए है। इस तरह त्योहारों में कई बार देखा जाता…

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कम्प्युटर और मोबाइल पर लाईव दिखेंगी बारातें, पुष्करणा युवा शक्ति मंच रमक झमक ने की अनूठी पहल

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पुष्करणा ब्राह्मण समाज के ऑलपिक सावे के दौरान ३१ जनवरी को बारह गुवाड से होकर गुजरने वाली बारातों को कम्प्युटर और एन्ड्रोयड मोबाईल पर ऑनलाइन देखा जा सकेगा । यह सब संभव हो पायेगा पुष्करणा युवा शक्ति मंच द्वारा तैयार की गई वेबसाइट रमक झमक डॉट कोम के माध्यम से । वेबसाईट के संचालक राधेकृष्ण ओझा ने बताया की इस वेबसाइट के  माध्यम से विवाह के विविध पौराणिक महत्वों, उनकी आवश्यकताओं और आज के दौर में उनकी  प्रासंगिकता  के बारे में बताया गया हैं ।  राधेकृष्ण ओझा ने बताया की…

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पंडितो ने लग्न भरने की सेवा की सेवा शुरू

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पुष्करणा युवा शक्ति मंच रमक  झमक ने बारह गुवाड चौक मे चल रहे सावा सेवा सुविधा शिविर मे आज पंडित भागीरथ देराश्री, मुकेश छंगाणी, आशीष ओझा, भैंरूरतन व मुरारी आदि ने लग्न पत्रिका  भरने वितरित करने की सेवाऐं दी ।  इससे पूर्व स्वस्तीवाचन व मंगलाचरण पूजन किया गया ।  मंच के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा भैंरू ने बताया की प्रतिदिन ५ से  ७ बजे लग्न पत्रिका भरने व वितरित करने का कार्य जारी रहेगा ।  ओझा ने बताया कि यज्ञोपवित बटुको को दिनाक २४ से पाटी, गोटा, गेडिये भी उपलब्ध करवाये…

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‘सावा में रंग बरसाओ गजानंद’

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बीकानेर । पुष्करणा युवा शक्ति मंच रमक झमक ‘सेवा सुविधा शिविर का शुभारंभ बारह गुवाड चौक मे हुआ । शुभारंभ में पं छोटूलाल ओझा के साथ ११ कर्मकांडी पण्डितों ने मंगलाचरण और स्वस्तीवाचन कर भगवान गणपति से पुष्करणा सावा कार्यक्रम में पधारने का आवाहन किया । भैंरूरतन छंगाणी, मुकेश छंगाणी, गणेश, मोहन,अशोक,जीतेन्द्र, विजयकिशन, प्रकाश व भागीरथ देराश्री ने सामुहिक स्वर में ‘रमक झमक घर आओ गजानंद, आप भी आओ देवा रिद्धी सिद्धि लाओ सावा मे रंग बरसाओ’ ! गीत गाकर विघ्र विनाशक गणपति से सावा मे आकर रंग व शुभता…

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