‘नारसिंह का कड़ा, ज्यो सिंवरे ज्यूँ हाजिर खड़ा’ होली और दीपावली से पहले भगवान नारसिंह भगवान की पूजा की जाती है। होली से एक दिन पहले फाल्गुन शुक्ला चतुर्दशी को अनेक घरों में भगवान नारसिंह की पूजा होती है। नारसिंहो महावीर: यह भगवान महावीर या हनुमानजी का ही स्वरूप है। घरों में आमतौर से रसोई घर में रसोई को साफ सफाई के बाद शुद्ध करके सिंदूर कुकुंम रोली से त्रिशूल की आकृति बनाई जाती है। त्रिशूल शक्ति या बल का प्रतीक होता है इसकी आकृति बनाकर पूजा की जाती है।…
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जानिये क्या है धनतेरस मनाएं जाने की वजह और खरीदारी का महत्व व शुभ मुहूर्त
हिन्दू संस्कृति के सबसे बड़े त्योहार दीपावली की शुरुआत धनतेरस से होती है। पांच दिवसीय दीप पर्व की शुरुआत कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी से होती है। धनतेरस का दिन भगवान धन्वंतरि को समर्पित है। इस दिन समुन्द्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे । जिन्होंने आयुर्वेद का प्रचार प्रसार कर लोक कल्याण शुरू किया। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार और प्रसार के लिए ही भगवान विष्णु ने धन्वंतरी का अवतार लिया था। भगवान धन्वंतरी जी…
Read Moreये ध्यान रखने से लक्ष्मी जी जरूर आएगी आपके घर
यूँ तो हर पल नया है आने वाला हर दिन नया है लेकिन आप जानते होंगे हमें हमेशा से त्योहार के दिनों में यही कहा जाता है कि ये नये दिन है। नये दिन का अर्थ क्या है वास्तव में दीपावली से एक तरह की नये जीवन की शुरुआत होती है। दीवाली से कई दिन पहले ही साफ सफाई, रंगाई-पोताई शुरू हो जाती है। घर की हर छोटी से छोटी चीज को भी साफ करके रखा जाता है। सभी गैरजरूरी वस्तुओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। नए…
Read Moreनरक चतुर्दशी क्या है इस दिन किसकी पूजा का है महत्व जानिए सम्पूर्ण कथाएं
सतयुग से शुरुआत होकर त्रेता, द्वापर में कई ऐसी बड़ी घटनाएं हुई है जिसे विशेष माना जाता है। एक ही विशेष दिन कई ऐसे पर्व, आयोजन, घटनाएं आदि हुई है। इसे इस तरह से समझा जा सकता है जैसे परिवार की अलग अलग पीढ़ियों के सदस्यों का जन्मदिन एक ही तिथि को पड़ता हो तो कई बार दादा और पोते के जन्मदिन को एक ही दिन मनाया जाता है। क्योकि वे अपने अपने समय मे उसी तिथि के दिन पैदा हुए है। इस तरह त्योहारों में कई बार देखा जाता…
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