बीकानेर 2 मई। संभागीय आयुक्त व राजस्थानी भाषा अकादमी अध्यक्ष डाॅ. नीरज कुमार पवन ने कहा कि शिक्षक अपने शिष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है। डाॅ. पवन सोमवार को रमक झमक संस्थान की ओर से नगर स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में संस्थान परिसर में पुरातन शिक्षा प्रणाली के शिक्षकों ‘मारजाओं’ के अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। डाॅ. पवन ने कहा कि बीकानेर की पौषवालों में ‘मारजाओं’ द्वारा विद्यार्थियों को बेहतरीन शिक्षा प्रदान की जाती थी।…
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पुष्करणा सावा- स्वर्ण जयन्ति वर्ष वाले दम्पति का होगा सम्मान व विष्णु गणवेशी सभी दूल्हों को प्रशस्ति पत्र देगा रमक झमक
पुष्करणा सावा बीकानेर रमक झमक संस्था की आज एक बैठक हुई रमक झमक अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ की अध्यक्षता में हुई । बैठक में भरत पुरोहित, गोपाल पुरोहित, गोपाल आचार्य, प्रेम छंगाणी, शिव छंगाणी,राधे ओझा, पवन व्यास, शुसील किराड़ू शामिल हुवे। देशभर के विष्णु गणवेशी परंपरा के अनुरूप शादी करने वालो का होगा सम्मान बैठक में तय हुआ कि बिना तामझाम, बिना सूट बूट, बिना घोड़ी व बिना बैंड बाजा के पौराणिक परम्परा का निर्वहन करते हुवे खिड़किया पाग, पीताम्बर,लौकार की छांव में नंगे पांव विष्णु गणवेश में शादी करने…
Read Moreसंस्कृति की संवाहक ‘रमक झमक’ का जिला प्रशासन ने किया सम्मान
संस्कृति की संवाहक ‘रमक झमक’ का जिला प्रशासन ने किया सम्मान। ओझा ने कहा यह सम्मान सभी परम्परा व संस्कृति प्रेमियों को समर्पित । समाज और संस्कृति का सम्मान है:- राजस्थानी गीतकार शिवराज छंगाणी रमक झमक परिवार सेवा संस्कार और संस्कृति के लिये शहर परकोटे मे लगभग 40 वर्षों से समाज और शहर की पौराणिक संस्कृति व परम्पराओ के सरंक्षण हेतु निरन्तर कार्य कर रही है। विशेष रूप से पुष्करणा सावा जैसी पौराणिक संस्कृति को अक्षुण बनाए रखने के लिये सतत् प्रयासरत रहती है। सावा संस्कृति में युवाओं की रुचि…
Read Moreपुष्करणा सावा समिति ने रमक झमक संस्था का आभार जताया
पुष्करणा सावा 2020 को झूठा पौता द्वारा स्थगित किये जाने के निर्णय को ‘रमक झमक संस्थान’ द्वारा सर्वप्रथम सहमति देने के लिये सामूहिक सावा समिति के 9 पदाधिकारियों ने रमक झमक कार्यालय पर उपस्थित होकर समिति की ओर धन्यवाद ज्ञापित किया। समिति के संयोजक बृजेश्वर लाल व्यास ने बताया कि सावा मुहूर्त शोधन व तिथियां तय करने के बाद सावा तक ‘रमक झमक’ ही ऐसी संस्थान है जो वर्षों से हमारी पुरानी परम्पराओ को जीवंत रखने के लिये ‘सावा सेवा व सुविधा’ का लगातार 24 घण्टे शिविर चलाती है। सावा…
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