देखिये जूनागढ़ के आगे से निकलती गणगौर की शाही यात्रा और विभिन्न जगहों से प्राप्त हुए गवर के फोटो बीकानेर के जूनागढ़ से परम्परागत तरीके से गणगौर की शाही सवारी निकली । शाही गणगौर के आगे राजपरिवार के बेंड की स्वर लहरिया वातावरण को गणगौर मय बना रहा था । शाही अंदाज में शाही बैंड और उसमे राजपरिवार के लोग भी सामिल हुवे ये शाही सवारी चौतीना कुआ तक पहुची और चौतीना कुआ पर शहर के विभिन्न इलाको से भी लोग अपनी अपनी गणगौर की मूर्तियाँ लेकर पहुचे । जहा…
Read MoreAuthor: ramakjhamak
क्या आप अपनी या अपने पुत्र की शादी को लेकर चिंतित है..छोडिये चिंता
यदि आप अपनी या अपनी संतान की शादी विवाह हो रहे विलम्ब को लेकर चिंतित है और रिश्ता अबतक तय नहीं हो पाया है और आप कई उपाय, टोटके, जन्तर, मंतर करके थक चुके है तो आप निराश न हो माँ दुर्गा की पूजा कर और उन्हें अपनी चिंता को उनके चरणों में भेंट कर देवे और अपना सार्थक प्रयास पुन: शुरू करे । आप नहा धोकर माँ दुर्गा की पूजा करे जो आम तौर से करते है उस पूजा में माता को नौ प्रकार की मिठाई के नग चढाए,…
Read Moreक्यों शुरू हुई घुड़ला प्रथा जाने इसके पीछे की ऐतिहासिक घटना
गणगौर के दिनों में शाम के वक्त गली मौहल्ले मे घुड़ला घुमाने की प्रथा चली आ रही हैं जिसे कुंवारी कन्याऐं जो गवर पूजती हैं वो शाम के वक्त एक मिट्टी के बर्तन मे दिपक जलाकर गीत गाती हुई चलती है । इसके बारे मे विस्तृत रूप मे पहले बताया जा चुका हैं । यह परम्परा क्यों चालू हुई इसके पीछे भी एक ऐतिहासिक घटना है जिसका उल्लेख कई किताबों कहानियों मे मिलता हैं । बात लगभग 500 वर्ष पूर्व अजमेर के सूबेदार के सैनिकों ने कोसाणा गांव (जोधपुर) की…
Read Moreजल्दी होगी शादी, मिलेगा अच्छा जीवन साथी – नवरात्रा पर करे ये उपाय
अगर आप शादी के लिए अच्छा लड़का ढूढ़ रहे है लेकिन अबतक नहीं मिला या रिश्ते कई आते है किन्तु तय नहीं हो पाता…रिश्ता तय होते होते बीच में ही कोई नई समस्या आ जाती है या आप बहुत बड़ी हो चुकी है, मांगलिक दोष है.. शनि प्रभावित है .. या फिर किसी पडित जी ने कह दिया की आपकी कुंडली में ग्रहस्थ सुख की कमी है.. या आपकी शादी होकर टूट गई आप दुबारा शादी करना चाहते है और ये चिंता है की दुबारा ऐसा न हो जाये ?…
Read Moreम्हारौ तेल बलै घी घाल, घुडलो घुमे छै जी घुमै छै
गणगौर के दिनों में शीतला अष्टमी से शुरू होकर तीज तक गली गुवाड़ मे अविवाहित कन्याओं को घुड़ला लेकर घुमते हुए देखा जा सकता हैं । घुड़ला एक मिट्टी से बना बर्तन एक गले की तरह होता हैं जिसके अंदर मिट्टी बिछाई हुई रहती है और घी या तेल का दिपक जलाया जाता है । गणगौर के 7 दिन बाद से ही ऐसा नजारा देखा जा सकता हैं कि गवर पूजने वाली कन्याऐं शाम के वक्त घुड़ला लेकर निकलती हैं और आस-पास पड़ोस के घरों के आगे जाकर यह गीत…
Read Moreजाने राजस्थान के लोकप्रिय त्यौहार गणगौर के बारे में
गणगौर राजस्थान के सबसे लोकप्रिय त्यौहारों मे से एक है । गणगौर का त्यौहार होली के अगले दिन ही यानि चैत्र की एकम से शुरू हो जाता हैं और अमावस्या के बाद की तीज तक मनाया जाता हैं । गणगौर मे गवर और इश्वर जी को पूजा जाता हैं । इस पूजा मे गवर यानि माता गौरी का रूप और इश्वर जी यानि भगवान शिव का रूप माना गया हैं । तीज तक चलने वाले इस त्यौहार मे यह माना जाता है कि हर वर्ष 16 दिन के लिए गवर…
Read Moreअगर शादी में विलम्ब हो रहा है तो होली में इस बार ये करे -प्रह्लाद ओझा भैरू
होली रंगों का त्यौहार है और ज्योतिष साश्त्र के मुताबिक हर रंग का किसी न किसी गृह का प्रतिनिधित्व करता ह विग्ज्ञान ने भी अब सिद्ध कर दिया है की रंगों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है ! आज यहाँ ज्योतिष और गृह को लेकर कुछ विशेष उपाय बता रहू हु…आप भी इसबार करे निश्चित रूप से फायदा होगा… १-होली जलते समय कुवारे लड़के व् लड़कियां जिनकी शादी नहीं हो रही हो वे इसबार जलती होली में मोतीचूर के १६ लड्डू १-१ करके डाले व् १६ ही परिक्रमा करे…
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