रविवार को शहर में विभिन्न जगह होली के रंग देखने को मिले । शुबह बारह गुवाड़ में स्वांग मेहरी रम्मत का आयोजन हुआ तो रात को आचार्यों के चौक में अमर सिंह राठौर की रम्मत का मंचन । वही दोपहर २ बजे हर्षो के चौक में हर्ष-व्यास जाती पानी खेल खेल गया जिसे डोलची मार खेल भी कहा जाता है । इसमें हर्ष और व्यास जाती के लोग डोलची में पानी भर कर एक दुसरे पर फेंकते है । इसे देखने हज़ारों की संख्या में लोग पहुचे जो भी पानी…
Read MoreAuthor: ramakjhamak
जाने क्या और क्यों होती है रम्मतें …
रम्मत का अर्थ सामान्य शब्दों में रम्मने यानि खेलने से बना है । अगर आज की भाषा में बात करें तो एक प्रकार का नुक्कड़ नाटक । बीकानेर में स्वांग -मेहरी, हेडाऊ-मेहरी, शहजादी-नव टंकी, अमरसिंह – राठौड़, की मुख्य रम्मतें होती है । ये किसी ना किसी कहानी से जुडी हुई होती है और इसमें वास्तविक कहानी के साथ-साथ लोग अपनी हसी-मजाक और ख्याल तथा चौमासे भी गाते है । यहाँ हर रम्मत से पहले अखाड़े में भगवन गणपति या फिर आशापुरा माता आतें है और उस समय लोगों की…
Read Moreव्यास जाति की गेर आज, बीन को पोखने और हाथ काम की भी निभाई जाति है परम्परा
व्यास जाति की गेर आज शाम निकाली जाएगी । गेर हर साल की ही भांति व्यासो के चौक से रवाना होकर शहर घुमती हुई हर्षो के चौक पहुचती है । गेर में बीन बने बहरूपिये को ले जाया जाता है और और विभिन्न चौक से गुजरने के बाद हर्षो के चौक में पहुच कर वास्तविकता में खातिरदारी भी की जाति है । यही नहीं बल्कि दुल्हे का हाथकाम, पोखना आदि की परम्परा भी निभाई जाति है । दरअसल ये परम्परा होली पर कई बरसो से निभाई जा रही है ।…
Read Moreबिस्सो के चौक और भट्दो के चौक में हुई रम्मत
रात १२ बजे बिस्सो के चौक में रम्मत शुरू हुई जो शुबह १० बजे तक चली । शुरुआत में आशापुरा माता के रूप धर आने से रम्मत की शुरुआत हुई माता के दर्शन व रम्मत देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग बिस्सो के चौक में पहुचे । सुबह तक चली रम्मत में मानो रात में भी दिन सा नज़ारा था । पुरे चौक में और घरो की छतों पर से लोग रम्मत देख रहे थे और रात भर स्वांग धरे युवक इधर उधर घूम रहे थे । वही…
Read Moreहोली ख्याल-चौमासा – होठ गुलाबी म्हारा खिल रया गाल
बीकानेर में होली पर मुख्य चौक में रम्मतों का दौर चालू है । ये रम्मतें किसी मंच स्टेज पर न होकर बालू मिटटी बिछाकर या फिर पाटों पर होती है और काफी लोग दूर दूर से यहाँ रम्मतें देखने के लिए आते है । यहाँ स्वांग मेहरी, हदाऊ-मेहरी, अमरसिंह राठौड़, शहजादी राममते होती है । रम्मतों में सबसे पहले भगवान गणपति या माता आशापुरा अखाड़े में आती है और लोग भाव व् श्रधा से प्रसाद आदि चढाते है. राम्म्तो में चौमासा व ख्याल गाया जाता है जो रम्मत के कलाकार…
Read Moreबीकानेर की सबसे अलग और निराली होली -विश्व प्रशिद्ध रम्मतों का दौर आज से शुरू
बुधवार रात नथुसर गेट के अन्दर फक्कड़ दात्ता रम्मत जो पहली रम्मत है यानि इस दिन से राम्मतो का आगाज । अब हर दिन किसी न किसी मोहल्ले में हर दिन एक रम्मत होगी । होली के अवसर पर होने वाली ये रम्मतें विश्व प्रसिद्ध है । इस दिन दूर दराज के लोग बरबस ही खीचें चले आते है, ये रम्मतें किसी मंच, स्टेज, भवन या चार दिवारी में न होकर खुल्ले मैदान में जिसको अखाडा कहा जाता है वहा होती है । अखाड़े में राजस्थान की सोनलिया माटी यानि…
Read Moreअब रमक झमक पर बीकानेर की निराली और रंगीन होली के रंगीन नज़ारे आप देख सकेंगे
खास तौर पर आप लोगो जिसमे बीकानेर और बीकानेर से जुड़े लोग कोलकाता, रायपुर, चेनई,मुंबई के अलावा जो लोग विदेश में रहते है उन्हें फाल्गुन लगते ही बीकानेर की याद सताने लगती है और उन्हें एक झलक भी मिलजाए तो वे आनंदित हो जाते है, ये विचार और आप लोगो की मांग पर विचार करके हमने भी निश्चय कर लिया है की हम आप सबके लिए ये कड़ी मेहनत करके बीकानेर की रंगीन होली के हर रंगीन पल आप तक लायेगे जिन लोगों ने बीकानेरी होली नहीं देखी है तो…
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