Author: ramakjhamak
सड़क किनारे कोई असहाय लाचार दिखे तो इनसे संपर्क करें, ये संस्था करेगी इनकी मदद
‘मां माधुरी बृज वारिस सेवा सदन अपना घर संस्था’ जिसकी शुरुआत राजस्थान के भरतपुर जिले से हुई आज इसकी पुरे देश में कई शाखाएं है। हम बीकानेर जिले रानी बाजार स्थित अपना घर आश्रम पहुंचे। संस्था द्वारा असहाय मरीजों, लाचार की सेवा करने का भाव इतना शुद्ध है की आश्रम में इनको प्रभुजी कहकर सम्बोधित किया जाता है और इनके नहलाने को भी प्रभु जी का अभिषेक कहा जाता है। आपको कही भी सड़क किनारे लाचार, पीड़ित, असहाय, मानसिक रोगी, जिसके आगे पीछे कोई भी ना हो तो आप इनसे…
Read Moreजाने नवरात्रि का मुहूर्त, नौ देवियों का महत्व व पूजा विधि
नवरात्र वह समय है, जब दोनों रितुओं का मिलन होता है। इस संधि काल मे ब्रह्मांड से असीम शक्तियां ऊर्जा के रूप में हम तक पहुँचती हैं। मुख्य रूप से हम दो नवरात्रों के विषय में जानते हैं – चैत्र नवरात्र एवं आश्विन नवरात्र। चैत्र नवरात्रि गर्मियों के मौसम की शुरूआत करता है और प्रकृति माँ एक प्रमुख जलवायु परिवर्तन से गुजरती है। यह चैत्र शुक्ल पक्ष प्रथमा से प्रारंभ होती है और रामनवमी को इसका समापन होता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्र, 6 अप्रैल से प्रारंभ है और समापन…
Read Moreघुड़ला और दातनिया देना क्या है, कटे हुए सर का प्रतीक क्यों है
गणगौर में बाली गवर का पूजन करने वाली लड़किया दोपहर को दातनिया देती है और शाम को घुड़ला लेकर मोहल्ले में घर घर जाती है और गीत गाती है- ‘ म्हारो तेल बले घी घायल की घुड़लो घूमे ला जी घूमे ला’ कटे हुए सर का प्रतीक माने जाने वाला घुड़ला इसके क्या कारण जानिये इस वीडियो में
Read Moreघुड़ले का पूरा गीत
घुडळा गीत: (प्राचीन परम्परागत गीत:रमक झमक) म्हारों तैल बले घी घाल, घुड़लो घूमे ला जी घूमें ला । घुड़ले रे बाँध्यो सूत, घुड़लो घूमे ला जी घूमें ला । (रमक झमक) सुहागण बाहर आय, घुड़लो घूमे ला जी घूमें ला । इशरदसजी रै जायो पूत, घुड़लो घूमे ला जी घूमें ला । म्हारों तैल बले घी घाल, घुड़लो घूमे ला जी घूमें ला । सोने रो थाळ बजाय, घुड़लो घूमे ला जी घूमें ला । मोत्यों रा आखा घाल, घुड़लो घूमे ला जी घूमें ला । सोने रो ट्कको घाल,…
Read Moreशीतलाष्टमी कथा, जानिए व्रत महत्व और मुहूर्त
ॐ नमो नमः।।पं भैरुसूरा।।७०२३६३०२२७।। शीतला सप्तमी का पूजन आज, अष्टमी का कल ************************************* शीतला सप्तमी का त्योहार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। वहीं कुछ जगह पर ये व्रत अष्टमी तिथि पर भी मनाया जाता है। होली के बाद चैत्र मास की अष्टमी से लेकर वैशाख, ज्येष्ठ और आषाढ कृष्ण पक्ष की अष्टमी माता शीतला की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होती है। इस बार शीतला सप्तमी का व्रत 27 मार्च, बुधवार को है। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि…
Read Moreशीतलाष्टमी को ठंडा भोजन करने से नहीं होते रोग, गधों की भी होती है पूजा
शीतलाष्टमी को ठंडा भोजन खाने से होती है कृपा,नहीं होता चेचक,माता व खसरा चैत्र कृष्ण अष्टमी को शीतलाष्टमी पर्व इस दिन माता शीतला की पूजा की जाती है और बासी यानी ठंडा भोजन पकवान उनको चढ़ाया जाता है। राजस्थान में यह अष्टमी बड़े धूम धाम से मनाई जाती है। अष्टमी के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता, घरों की औरतें सप्तमी को पूरे परिवार व आने वाले मेहमान का अंदाज लगाकर व्यंजन तैयार करती है। गुड़ राब,खट्टी राबड़ी, बाजरा रोटी, मस्सी रोटी, गेंहू रोटी, हलवा, मोगर पूड़ी,बेसन की मसालेदार…
Read More