देखिये जूनागढ़ के अंदर से कैसे निकलती है सजी धजी गणगौर माता

शेयर करे

देखिये जूनागढ़ के अंदर से कैसे निकलती है सजी धजी गणगौर माता राज परिवार के साथ बैंड बाजे और सैनिक होते है और गवरजा माता गहनों से लदी होती है यहाँ दौड़ते हुए ले जाते है गणगौर को क्या है वास्तिव परम्परा पूरा जानिये इस वीडियो में

शेयर करे
Read More

सड़क किनारे कोई असहाय लाचार दिखे तो इनसे संपर्क करें, ये संस्था करेगी इनकी मदद

शेयर करे

‘मां माधुरी बृज वारिस सेवा सदन अपना घर संस्था’ जिसकी शुरुआत राजस्थान के भरतपुर जिले से हुई आज इसकी पुरे देश में कई शाखाएं है। हम बीकानेर जिले रानी बाजार स्थित अपना घर आश्रम पहुंचे। संस्था द्वारा असहाय मरीजों, लाचार की सेवा करने का भाव इतना शुद्ध है की आश्रम में इनको प्रभुजी कहकर सम्बोधित किया जाता है और इनके नहलाने को भी प्रभु जी का अभिषेक कहा जाता है। आपको कही भी सड़क किनारे लाचार, पीड़ित, असहाय, मानसिक रोगी, जिसके आगे पीछे कोई भी ना हो तो आप इनसे…

शेयर करे
Read More

घुड़ला और दातनिया देना क्या है, कटे हुए सर का प्रतीक क्यों है

शेयर करे

गणगौर में बाली गवर का पूजन करने वाली लड़किया दोपहर को दातनिया देती है और शाम को घुड़ला लेकर मोहल्ले में घर घर जाती है और गीत गाती है- ‘ म्हारो तेल बले घी घायल की घुड़लो घूमे ला जी घूमे ला’ कटे हुए सर का प्रतीक माने जाने वाला घुड़ला इसके क्या कारण जानिये इस वीडियो में

शेयर करे
Read More

होलिका दहन और पानी खेल वीडियो, देखिये बीकानेर की होली

शेयर करे

होलिका दहन और पानी खेल की कुछ झलकियां  

शेयर करे
Read More

कोलकत्ता में सालावंश का होली मिलन समारोह

शेयर करे

कोलकत्ता में सालावंश का होली मिलन समारोह कोलकाता में साला वंश समाज का होली मिलन समारोह स्थानीय सत्संग भवन में श्री सच्चियाय माता युवा संगठन के बैनर तले सम्पन्न हुआ। जिसमें जोशी,देरासरी,छंगाणी,कलवानी ओझा,भादाणी, उपाध्याय आदि जातियों के लोगों सहित अन्य गणमान्य भी शामिल हुए । कार्यक्रम के संचालक किशन छंगाणी और नवरत्न कलवानी थे । साकेत देरासरी,सिद्धि जोशी, शिल्पा छंगाणी, पूजा छंगाणी, हार्दिक व्यास, पीहू छंगाणी आदि ने सास्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया । कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था साकेत देरासरी द्वारा बोला गया बड़ पापड़। सभी बड़े बुजुर्गों ने…

शेयर करे
Read More

बीकानेर में अनूठी 200 शादियां, दूल्हा विष्णु दुल्हन लक्ष्मी 

शेयर करे

बीकानेर में अनूठी 200 शादियां दूल्हा विष्णु दुल्हन लक्ष्मी न बेंड न बाजा फिरभी झूमें बाराती बीकानेर । ऑलम्पिक शादियों से विख्यात पुष्करणा शादियों का सावा जो ऑलम्पिक शादियों का नाम से विख्यात है आज सम्पन्न हुवा । बिना बैंड बाजा के पौराणिक गणवेश में 150 से अधिक दूल्हे शादी के बंधन में बंधे । रमक झमक सस्था पौराणिक सस्कृति को सुरक्षित रखने के लिये ऐसे प्रयास  कर रही है ।आज पौराणिक गनवेशी दूल्हों का सम्मान किया गया जो खिड़किया पाग पीतांबर पहने नंगे पांव विवाह करने निकले इनको समान्नित…

शेयर करे
Read More

पुष्करणा सावा 1961 से लेकर 2019 तक की सभी तारीखे जानिये

शेयर करे

पुष्करणा सावा 1961 से लेकर 2019 तक की सभी तारीखे जानिये. पुष्करणा सावा 1961 से लेकर 2019 तक की सभी तारीखे तिथि और संवत से पुष्करणा सावा।    

शेयर करे
Read More