छतो पर लौटे पक्षियों की रौनक, प्यासा ना रहे एक भी पक्षी

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कुछ संस्था तो कुछ व्यक्तिगत तौर पर कर रहे पक्षियों के लिए पालसीया लगाने का काम छोटीकाशी बीकानेर नगरी में कुछ संस्थाएं तो कुछ व्यक्तिगत तौर पर पशु पक्षियों की सेवा कार्य में लगे हैं। इस भीषण गर्मी में लू के थपेड़ों के बीच पक्षियों के जीने का एकमात्र सहारा पानी ही होता है। पशु पक्षियों की सेवा करना हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है हर घर की छत पर पक्षियों के लिए पालसिया (परिंडा) रखना उनके लिए पानी भरना नित्य कर्म का ही एक भाग है। पुराने घरो और…

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देखिये नरसिंह अवतार और हिरण्यकश्यप का वध का वीडियो

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नरसिंह जयंती पर हर चौक में भरा मेला देखिये नथूसर गेट पर हुए मेले का आयोजन

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बीकानेर व्यास जाति के झूझार ( लौंदा बाबा) गर्दन कटने पर भी लड़ते रहे, अखातीज पर होती है पूजा

लौंदा बाबा
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बीकानेर का शहर परकोटा वीरों और योद्धाओं का क्षेत्र है, ऐसे बहुत से उदाहरण मिलते है जब यहाँ के लोगों ने अपनी आन बान शान और समाज के लिये अपनी जान न्यौछावर कर दी। कई तो ऐसे भी हुवे है जिनकी गर्दन धड़ से अलग हो गई, फिर भी वे शांत नहीं हुवे और तलवार घुमाते हुवे लड़ते रहे। व्यास जाति के एक वीर ने वर्षो पहले किसी लड़ाई में गर्दन धड़ से अलग होने पर भी अपने दुश्मनों से लड़ते रहे, क्रोध इतना था कि उनकी तलवार चलती रही।…

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हवेलियों, पाटों, चौक व गुवाड़ वाला शहर बीकानेर

Bikaner junagarh fort
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जन्मदिन अक्षय तृतीया पर विशेष बीकानेर शहर में लाल पत्थरों की हवेलियां और उनकी नक्काशी, ऊँठ की खाल पर उस्ता कला, काष्ठ पर मथेरण कला,शहर के दरवाजे,गेट,बारियां, गुवाड़, घाटी,चौक और चौक में रखे हुवे बड़े -बड़े पाटे इस शहर को खाश बनाते है। खाशकर शहर परकोटे की खाश जानकारी लगभग हर चौक की जो मौखिक सूत्रों से संजय श्रीमाली ने लिखी है। आप भी जानकर पढ़कर आनंदित होंगे। (रमक झमक) इतिहास व सस्कृति से समृद्ध शहर बीकानेर शहर ऐतिहासिक एवं सांस्कृति दृष्टि से बहुत समृद्ध रहा है। शहर की बनावट,…

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पाटों पर रात को भविष्य देखने वाला शहर

Bhatdo ka chowk bikaner
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बीकानेर शहर यात्रा(4) भट्ठड़ों का चौक -संजय श्रीमाली, उस्ता बारी, बीकानेर। बीकानेर शहर परकोटा ज्योतिषियों पंडितों के लिये भी जाना जाता है लेकिन रात को पाटे पर बैठकर कुण्डली देखने की बात आए तो समझ लीजिये भट्ठड़ों के चौक की बात हो रही है । भट्ठड़ों के चौक का पुराना नाम पिपलियों का चौक था। लगभग 100 वर्ष पहले चौक के बीचो-बीच बहुत बड़ा पीपल का पेड़ था जिसके कारण यह पीपलियों के चौक के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इस चौक में भट्ड जाति के लोगों के घर अधिक थे…

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नोट चिपका कर पतंग उड़ाने वाला दस्साणियों का चौक बीकानेर

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नोट चिपका कर पतंग उड़ाने वाला दस्साणियों का चौक :- अनोखे शहर के अनूठे चौक(1) रंगीले, मस्ताने व अनूठे शहर बीकानेर के स्थापना दिवस पर हम आज से प्रमुख चौक व मोहल्लों से आपको परिचय करवा रहे है। इस शहर का करीब करीब हर चौक अपने आपमें कुछ खाश है । इन चौक व गुवाड़ की खाशियतें ही है जो हर किसी को अपनी ओर खींच रही है। आज ले चलते है एक अनूठे चौक:- दस्साणियों का चौक :- इस चौक के शक्तिदान दस्साणी पतंगबाजी के लिए प्रसिद्ध रहे हैं।…

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बेंत (डंडा) मार मेला, बेंत पड़ी तो ब्याव पक्का

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भारत परम्पराओं व मान्यताओं को मानने वाला देश है । कई तरह की मान्यताएं यहाँ प्रचलित हैं। यूं कहे कि दुनिया में सबसे ज्यादा मान्यताएं हमारे देश में ही हैं तो ये गलत नहीं होगा। आज हम आपको राजस्थान के मारवाड़ प्रांत खासकर सूर्य नगरी जोधपुर में मनाएं जाने वाले एक खास मेले के बारे में बताने जा रहे हैं। जोधपुर अपनी मान्यताओं, परम्पराओं व सास्कृतिक विरासत के लिये प्रशिद्ध है । मेले मगरियो का शहर जोधपुर में एक ऐसा मेला लगता है जिसमें लड़कियां पूरी रात गली मोहल्लों में…

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