एक ऊंठा ऊंठा बी ऊंठा साढ़े सात – मारजाओ के पहाड़े और पढ़ाने के तरीके

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एक ऊंठा ऊंठा बी ऊंठा साढ़े सात – मारजाओ के पहाड़े और पढ़ाने के तरीके आज की पीढ़ी को ये समझ ही नहीं आयेगा कि ये ऊंठा – ढूंचा क्या है ये कौनसा पहाड़ा होता है ? लेकिन हमारी पिछली पीढ़ियों ने पढ़ाई ही इन तरीकों से की है गणित के पहाड़ों को याद इसी तरीके से किया है। इसलिए पिताजी दादाजी को हिसाब के लिए कैलकुलेटर की जरूरत ही नहीं पड़ी। कोई भी हिसाब हो पॉइंट्स का हो या लाखों का आज भी मुखजुबानी कर देते है। हमें कोई…

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बारहमासा गणगौर कथा व व्रत की सम्पूर्ण विधि तथा नियम

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यह व्रत चैत्र सुदी रामनवमी के दिन शुरू होता है। यह सुहागन औरतें ही करती है। अखंड सुहाग, मंगल कामना, वंश वृद्धि, सद्बुद्धि व मोक्ष के लिए व्रत किया जाता है। एक कहानी के अनुसार इस व्रत को सर्वप्रथम राजा युधिष्ठिर व द्रोपदी ने भगवान कृष्ण से आज्ञा प्राप्त करके किया। जिससे मोक्ष प्राप्त हुआ। यह व्रत रामनवमी से एकादशी तक यह किया जाता है। वैधव्य से छुटकारा दिलाता है ये व्रत – बारहमासा गवर की पूजा विधवा स्त्री भी कर सकती है विधवाओं को भी इस व्रत उपवास के…

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लोकायुक्त श्री लोहरा का अभिनन्दन

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लोकायुक्त श्री लोहरा का अभिनन्दन बीकानेर। न्यायमूर्ति श्री पी के लोहरा अभिनन्दन समारोह समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री प्रतापकृष्ण लोहरा के बीकानेर आगमन पर अभिनन्दन किया गया। अपने काम के प्रति सजग रहने वाले श्री प्रताप कृष्ण लोहरा पुष्करणा समाज के गौरव, काव्य और संस्कृति प्रेमी है इसलिए श्री लोहरा जी को रमक झमक की ओर से काव्यात्मक शैली में तैयार शब्दाभिनन्दन पत्र भेंट कर समान्नित किया गया। ‘रमक झमक’ के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’, समिति अध्यक्ष महेंद्र आचार्य, रमक झमक डॉट कॉम के राधेकृष्ण…

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होली पर हुड़दंग और पौरुष शक्ति के देवता इलोजी

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होली पर हुड़दंग और पौरुष शक्ति के देवता इलोजी इलोजी की होली के हुड़दंग देवता, फागण के देवता, पौरुष शक्ति के देवता के रूप में पूजा की जाती है। पुरुष तथा महिलाएं दोनों ही इनकी पूजा करते हैं। पुरुष अपना पौरुष और यौन शक्ति बढ़ाने के लिए तथा महिलाएं पुत्र की चाह में इनकी पूजा करते हैं। होली के अवसर पर राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रो में इलोजी की प्रतिमाएं किसी बड़े चौक चौराहों पर बनी हुई है। कुछ जगहों पर इलोजी को नाथुरामजी नाम से भी जाना जाता है। होलिका…

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संस्कृति की संवाहक ‘रमक झमक’ का जिला प्रशासन ने किया सम्मान

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संस्कृति की संवाहक ‘रमक झमक’ का जिला प्रशासन ने किया सम्मान। ओझा ने कहा यह सम्मान सभी परम्परा व संस्कृति प्रेमियों को समर्पित । समाज और संस्कृति का सम्मान है:- राजस्थानी गीतकार शिवराज छंगाणी रमक झमक परिवार सेवा संस्कार और संस्कृति के लिये शहर परकोटे मे लगभग 40 वर्षों से समाज और शहर की पौराणिक संस्कृति व परम्पराओ के सरंक्षण हेतु निरन्तर कार्य कर रही है। विशेष रूप से पुष्करणा सावा जैसी पौराणिक संस्कृति को अक्षुण बनाए रखने के लिये सतत् प्रयासरत रहती है। सावा संस्कृति में युवाओं की रुचि…

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जोधपुर के नवें अग्निहोत्री बने राजशेखर बिस्सा

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जोधपुर/बीकानेर। वर्तमान में उतर भारत से सिर्फ 8 ही अग्निहोत्री है और सभी जोधपुर से है। अब जोधपुर से ही राजशेखर बिस्सा (पुत्र रामेश्वर जी बिस्सा अग्निहोत्री) नवें अग्निहोत्री बन गए है जिन्होंने महाराष्ट्र के विद्वान विनायक जी काली से अग्निहोत्र की दीक्षा ली है। राजशेखर जोधपुर में अग्निहोत्र परंपरा को श्री सोमदत्त जी पुरोहित के अंतर्गत इसे आगे बढ़ाएंगे।        

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मरुस्थलीय सब्जी में मौजूद है कोरोना रोकने वाले एंजाइम

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थार रेगिस्तान और सब्जियां हमारे पश्चिमी राजस्थान की भौगोलिक स्थितियां कुछ ऐसी रहीं है कि पहले आसानी से हरी सब्जियां उपलब्ध नही हो पाती थी कारण था पानी की कमी! तब गंगनहर नहीं आयी थी और थार रेगिस्तान के वासियों को पानी की कमी में ही गुजारा करना होता था जहां पीने के पानी तक की कमी हो ऐसे में हरी सब्जियां तो बहुत दूर की कौड़ी थी और इनको उगाना व्यवहारिक नहीं था। ऐसे में कुछ ही ऐसे पेड़ झाड़िया थी जो पूरे मौसम सही टिक पाती जिनमे हमारे…

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