एक ऊंठा ऊंठा बी ऊंठा साढ़े सात – मारजाओ के पहाड़े और पढ़ाने के तरीके आज की पीढ़ी को ये समझ ही नहीं आयेगा कि ये ऊंठा – ढूंचा क्या है ये कौनसा पहाड़ा होता है ? लेकिन हमारी पिछली पीढ़ियों ने पढ़ाई ही इन तरीकों से की है गणित के पहाड़ों को याद इसी तरीके से किया है। इसलिए पिताजी दादाजी को हिसाब के लिए कैलकुलेटर की जरूरत ही नहीं पड़ी। कोई भी हिसाब हो पॉइंट्स का हो या लाखों का आज भी मुखजुबानी कर देते है। हमें कोई…
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रमक झमक संस्थान द्वारा ‘मारजाओं’ का हुआ सम्मान
बीकानेर 2 मई। संभागीय आयुक्त व राजस्थानी भाषा अकादमी अध्यक्ष डाॅ. नीरज कुमार पवन ने कहा कि शिक्षक अपने शिष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है। डाॅ. पवन सोमवार को रमक झमक संस्थान की ओर से नगर स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में संस्थान परिसर में पुरातन शिक्षा प्रणाली के शिक्षकों ‘मारजाओं’ के अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। डाॅ. पवन ने कहा कि बीकानेर की पौषवालों में ‘मारजाओं’ द्वारा विद्यार्थियों को बेहतरीन शिक्षा प्रदान की जाती थी।…
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