बीकानेर। बजरंग धोरा धाम स्थापना के 62 वर्ष पूर्ण होने जा रहे है। इस अवसर पर मंदिर में शुक्रवार 4 फरवरी से 5 फरवरी शनिवार तक अखण्ड रामचरित मानस पाठ चलेगा। 62 वर्ष पूर्व मंदिर की स्थापना बजरंग बली के भक्त स्व रामचंद्र जी दाधीच द्वारा बसंत पंचमी के दिन की गई थी। बीकानेर के रेतीले टीलों के बीच बजरंग बली का मंदिर हनुमान भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय स्थान है। वर्षो पहले हनुमान जी के भक्त श्री रामचंद्र जी दाधीच ने यहाँ 23 वर्षो तक तपस्या की थी और…
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पुष्करणा सावा- स्वर्ण जयन्ति वर्ष वाले दम्पति का होगा सम्मान व विष्णु गणवेशी सभी दूल्हों को प्रशस्ति पत्र देगा रमक झमक
पुष्करणा सावा बीकानेर रमक झमक संस्था की आज एक बैठक हुई रमक झमक अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ की अध्यक्षता में हुई । बैठक में भरत पुरोहित, गोपाल पुरोहित, गोपाल आचार्य, प्रेम छंगाणी, शिव छंगाणी,राधे ओझा, पवन व्यास, शुसील किराड़ू शामिल हुवे। देशभर के विष्णु गणवेशी परंपरा के अनुरूप शादी करने वालो का होगा सम्मान बैठक में तय हुआ कि बिना तामझाम, बिना सूट बूट, बिना घोड़ी व बिना बैंड बाजा के पौराणिक परम्परा का निर्वहन करते हुवे खिड़किया पाग, पीताम्बर,लौकार की छांव में नंगे पांव विष्णु गणवेश में शादी करने…
Read Moreमितव्यवता और परंपराओं के संरक्षण की दृष्टि से देशभर में मिसाल है पुष्करणा सावा: भाटी
ऊर्जा मंत्री ने किया रमक झमक के फ्लैक्स का विमोचन बीकानेर, 29 जनवरी। ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने शनिवार को सर्किट हाउस में पुष्करणा ब्राह्मण समाज के सामूहिक सावे (ओलंपिक) से संबंधित रमक झमक संस्था के फ्लैक्स का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुष्करणा समाज का सामूहिक सावा मितव्ययता और परंपराओं के संरक्षण के दृष्टिकोण से पूरे देश के लिए एक मिसाल है। एक दिन में होती है सैकड़ों शादियां ओलंपिक सावे के दौरान शहरी क्षेत्र में एक ही दिन में बड़ी संख्या में विवाह होते हैं।…
Read Moreसंस्कृति की संवाहक ‘रमक झमक’ का जिला प्रशासन ने किया सम्मान
संस्कृति की संवाहक ‘रमक झमक’ का जिला प्रशासन ने किया सम्मान। ओझा ने कहा यह सम्मान सभी परम्परा व संस्कृति प्रेमियों को समर्पित । समाज और संस्कृति का सम्मान है:- राजस्थानी गीतकार शिवराज छंगाणी रमक झमक परिवार सेवा संस्कार और संस्कृति के लिये शहर परकोटे मे लगभग 40 वर्षों से समाज और शहर की पौराणिक संस्कृति व परम्पराओ के सरंक्षण हेतु निरन्तर कार्य कर रही है। विशेष रूप से पुष्करणा सावा जैसी पौराणिक संस्कृति को अक्षुण बनाए रखने के लिये सतत् प्रयासरत रहती है। सावा संस्कृति में युवाओं की रुचि…
Read Moreपुष्करणा सावा का यज्ञोपवीत सहित विस्तृत कार्यक्रम जारी देखें
बीकानेर शहर के अन्दर होने वाले पुष्करणा समाज के सामुहिक सावे की शोभा यात्रा लालाणी व्यासो के चौक से रवाना होकर कीकाणी व्यासों के चौक से होती हुई समाज की सभी पुष्करणा जातियों के लोगो को साथ लेकर शाही बेण्ड बाजे के साथ मानेश्वर महोदव मंदिर पहुची। मंदिर परिसर में सामूहिक विवाह व यज्ञोपवित के क्रार्यक्रमो की विद्वान पण्डितों व पंचागकर्ताओं की उपस्थिति में विचार विमर्श के उपरान्त पौराणिक परम्परानुसार चौथाणी ओझा परिवार के पंण्डित सुशील कुमार ओझा द्वारा विधि विधान के साथ पुष्करणा ब्राहमणों के बटुको के यज्ञोवित कार्यक्रम…
Read Moreनाहरसिंह का कड़ा, जो सिंवरे हाजिर खड़ा
नाहरसिंह का कड़ा, जो सिंवरे हाजिर खड़ा।। लक्ष्मी पूजन से पहले होती है नारसिंह पुजा।। दीपावली से एक दिन पहले बीकानेर शहर में या बीकानेर के लोग जहां भी रहते है, वो नरक चतुर्दशी को भगवान नाहरसिंह की पूजा करते है। शाम को भोजन पकाने वाले स्थान रसोई को धो पूछ कर दीवार पर मिट्टी गोबर का लेपन का अथवा रसोई की दीवार को सिर्फ धो पूछ गंगाजल से शुद्ध कर घृत सिंदूर व कुंम कुंम से त्रिशूल की आकृति उकेर कर सपरिवार पञ्चोपचार पूजन करते है तथा प्रार्थना व…
Read Moreऐसी 20 वजह जिसके कारण बीकानेर शहर पूरी दुनिया में विख्यात है
बीकानेर स्थापना दिवस पर विशेष रूप से आप सबके लिए ऐसी जानकारी लेकर आये है जो शायद आपको मालूम नहीं है बीकानेर में दुनिया की ऐसी जगह और शहर से जुड़े ऐसे तथ्य जो सिर्फ बीकानेर से जुड़े है ऐसे चीज़े जो सिर्फ बीकानेर में है और दुनिया में कहीं नहीं तो जरूर देखिये ये वीडियो जो आपको जरूर पसंद आएगा …
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