संस्कृति को बचाएं रखना और कुरीतियों को दूर करने में महिलाओं की अहम् भूमिका – महिला सम्मलेन

शेयर करे

सावा पर पूरी दुनियां की नजर:- बीकानेर। पुष्करणा सावा सस्कृति को बचाएं रखना और इसको बढ़ाना ये महिलाओं की जिम्मेदारी ज्यादा है, ये उद्गार हाल ही में आर जे एस (मजिस्ट्रेट) बनी प्रीति व्यास ने रमक झमक संस्थान के महिला सम्मेलन में अतिथि के रूप में कही । उन्होंने कहा कि घर परिवार की रीत रिवाज ज्यादा महिलाओं को पता है और वो ही आगे बढ़कर मूल परम्परा को बचा कर सस्कृति को बचा सकती है । प्रीति व्यास ने इस बात पर जोर दिया बहु बेटी को अधिक से…

शेयर करे
Read More

‘सावो टिपग्यो रे, किण नै ही म्हारे पर दया नीं आई रे’ पुष्करणा सावे के अवसर पर हुआ कवि सम्मलेन देखे वीडियो

शेयर करे

‘कल तक खेली कूदी झगड़ी, इस घर के आंगन में, तेरी किलकारी से आती खुशियां,इस जीवन में’ विदाई गीत की ये पंक्तिया शुक्रवार को रमक झमक संस्थान की ओर से पुष्करणा सावा ऑलम्पिक के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सावा काव्य धारा’ कार्यक्रम में कवि संजय आचार्य वरुण ने प्रस्तुत की । कार्यक्रम में कवि कथाकार कमल रंगा नर ‘सावा है भाइपे री,सामूहिकता रौ भाव है’ प्रस्तुत की । हास्य व्यंग्य कवि बाबूलाल छंगाणी ने सावा धमाल ‘सावो टिपग्यो रे,किण नै ही म्हारे पर दया नीं आई रे’ प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों…

शेयर करे
Read More

पुष्करणा सावा पौराणिक संस्कृति अक्षुण रखती है रमक झमक संस्था -मंत्री बी डी कल्ला

शेयर करे

बीकानेर। उर्जा व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डाॅ.बुलाकी दास कल्ला ने कहा है कि पुष्करणा समाज का 21 फरवरी 2019 को होने वाला सामूहिक सावा संस्कृतिक धरोहर व परम्परा का प्रतीक है।रमक झमक जैसी संस्था पौराणिक संस्कृति को अक्षुण रखने के लिये कार्य कर रही है जिसकी सराहना की जानी चाहिये,उन्होंने आवाह्न किया कि युवक-युवतियों का विवाह सावे में अधिकाधिक संख्या में करें, जिससे हमारी वर्षों पुरानी यह परम्परा भी जीवित रहेगी । डाॅ.कल्ला मंगलवार को बारह गुवाड़ चौक में पुष्करणा समाज के सामूहिक सावे पर सेवा व सुविधा देने…

शेयर करे
Read More

पुष्करणा सावा के सभी गाने

शेयर करे

पुष्करणा सावा के सभी गाने

शेयर करे
Read More

रमक झमक की ओर से पुष्करणा सावे से संबंधित वीडियो और आॅडियो गीत लांच

शेयर करे

रमक-झमक की ओर से पुष्करणा सावे से संबंधित वीडियो और आॅडियो गीत गुरुवार को लांच हुआ। बारहगुवाड़ स्थित संस्था कार्यालय में पंडित जुगल किशोर ओझा ‘पुजारी बाबा’, वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीनारायण रंगा, समाजसेवी पंडित सूरजकरण जोशी, सूर्य प्रकाशन मंदिर के डाॅ. प्रशांत बिस्सा, शेर महाराज, ईश्वर महाराज, पूर्व पार्षद दुर्गादास छंगाणी,पूर्व पार्षद दुर्गादास छंगाणी, किशन ओझा ने किया। इस अवसर पर पुजारी बाबा ने कहा कि शादी विवाह के माहौल में वो गीत ज्यादा व जल्दी स्थान बनाते जिस पर नृत्य किया जा सकता हो, क्योंकि विवाह समारोह में जोश, उमंग…

शेयर करे
Read More

लड़के की छिंकी व चंवरी में गाया जाने वाला गीत

शेयर करे

लड़के की छिंकी व ढुकाव के समय का गीत तू मत डरपे हो लाड़ला, केशरिया हो लाडेला थोरे…. चन्द जी बाबोजी आवे धोरी जान्यो ए । हे रंग भीनी म्हारी लाल ए कंवर ….चंद त मत डरपे हो लाडला, केशरिया हो लाडला थारे…. (लडके के छिंकी व ढुकाव के गीत में जो प्रथम जगह छोड़ी गई है उस जगह जीवित माइंतो के नाम दोहराये जाते हैं, बाबाजी, काकाजी, पिताजी, नानाजी, मामाजी, भाईजी आदि के। दूसरी जगह छोडी गई हे उसमें वर का नाम लिया जाता है। चंवरी गीत बीरो जी…

शेयर करे
Read More

सगाई से लेकर ब्याव तक परम्परागत शुभ कार्य

शेयर करे

लक्ष्मी मांगना सगाई, देवी देवताओं के मंगल गीत, मिलनी, मुंह रंगाई बड़ों का खोला, टीकी, लगन, गणेश स्थापना हाथधान, लड्डूडी चढ़ाना, दाल देना, माया बैठाना, हथकाम,अटाल,पीठी,धान सोहना,लखदब, बान,बाना रा लाडू, गीत, आटी,दूध पिलाना, छिंकी ( गणेश परिक्रमा)  पौखना, नाणाने दादाणे रा खोला मिलनी, मायरा (भात), लड़की की और से खिरोड़ा, गोत्राचार, कन्या दान, बड़ पापड़ बांचना, अंजलि पुजा, बारात ढुकाव, पौखना पाणी ग्रहण हथलेवा, सेवर्ला, मुह देखाई, बरी, गुड्डी जान, ऑल थाळ, जुआ-टीका  रुई चुगाई हास्य टीको विदाई बांडा रोकाई लूणा पाणी, देवी देवताओं के जात फेरी बांशी जवारी

शेयर करे
Read More