जन्मदिन अक्षय तृतीया पर विशेष बीकानेर शहर में लाल पत्थरों की हवेलियां और उनकी नक्काशी, ऊँठ की खाल पर उस्ता कला, काष्ठ पर मथेरण कला,शहर के दरवाजे,गेट,बारियां, गुवाड़, घाटी,चौक और चौक में रखे हुवे बड़े -बड़े पाटे इस शहर को खाश बनाते है। खाशकर शहर परकोटे की खाश जानकारी लगभग हर चौक की जो मौखिक सूत्रों से संजय श्रीमाली ने लिखी है। आप भी जानकर पढ़कर आनंदित होंगे। (रमक झमक) इतिहास व सस्कृति से समृद्ध शहर बीकानेर शहर ऐतिहासिक एवं सांस्कृति दृष्टि से बहुत समृद्ध रहा है। शहर की बनावट,…
Read MoreTag: bikaner sthapna diwas
पिता के व्यंग बाण से बीकाजी ने बसा दिया बीकानेर शहर
बीकानेर शहर की स्थापना कैसे हुई कैसे अपने पिता से मिले एक ताने यानी व्यंग के कारण राव बिका ने एक पूरा राज्य बसा दिया और इस शहर की विशेषताएं क्या क्या है? यहाँ की पाटा संस्कृति, मेले, त्यौहार और मंदिर भी पुरे विश्व में विख्यात है। बीकानेर स्थापना की पूरी कहानी इस वीडियो में बताई गई है फेसबुक पेज पर 6 लाख के करीब लोग इस वीडियो को देख चुके है आप भी देखिये और जानिए अपने शहर बीकानेर के बारे में
Read More