हनुमानजी से सीखे सफल कैरियर के गुण (हनुमान जयन्ति विशेष) (रमक झमक) हनुमान जी का किरदार लोगों को बहुत कुछ सीखाता है, हर रूप में लोगों के लिए प्रेरणादायक है। हनुमान जी के बारे में तुलसीदास लिखते हैं, ‘संकट कटे मिटे सब पीरा,जो सुमिरै हनुमत बल बीरा’। यानी हनुमान जी में हर तरह के कष्ट (समस्या)को दूर करने की क्षमता है। आज हम आपको बता रहे हैं हनुमान जी के कुछ खास गुण, इन्हें अपनाकर अपनी परेशानियां दूर कर सकते हैं। आपके प्रोफेशनल जीवन में भी ये गुण काफी काम…
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बारहमास गणगौर व्रत की सम्पूर्ण विधि व इसके फल
बारहमास गणगौर व्रत व सम्पूर्ण विधि, क्या फल मिलता है इसको करने से जानिए बारहमासी गणगौर के संबंध में :- यह व्रत चैत्र सुदी रामनवमी के दिन शुरू होता है। यह सुहागन औरतें ही करती है। अखंड सुहाग,मंगल कामना,वंश वृद्धि, सद्बुद्धि व मोक्ष के लिए व्रत किया जाता है। एक कहानी के अनुसार इस व्रत को सर्वप्रथम राजा युधिष्ठिर व द्रोपदी ने भगवान कृष्ण से आज्ञा प्राप्त करके किया। जिससे मोक्ष प्राप्त हुआ। रामनवमी से एकादशी तक यह किया जाता है। बारहमासा गवर की पूजा विधवा स्त्री भी कर सकती…
Read Moreशादी व सन्तान के लिये करें यहां बारहमासी गणगौर के दर्शन
बारहमासा गणगौर चमत्कारिक शादी व सन्तान के लिये करें दर्शन ——————– गणगौर अनेक रूपों मे प्राचीन काल से ही पुजन की जाती रही है कुआँरी गणगौर,धींगा गणगौर, बारहमासा गणगौर । बारह मासा गणगौर चैत्र शुक्ल एकादशी व द्वादशी को दोपहर निकलती है और गढ़ पहुँचती है जहाँ भव्य मेला भरता है और सभी गणगौर इकत्रित होती है खोल भरी जाती है और महिलाए अपने साड़ी या ओढ़ना के पल्लू को गीला कर गवरजा को पानी पिलाती है। बारहमासा गणगौर का व्रत करने का विधान है, कहते है उसे नियमपूर्वक करने…
Read Moreयहां पुरुष घुमाते है घुडळा, अनोखा अनूठा फगडा घुडळा
फगड़ा घुडळा अनोखा व अनूठा यहां पुरुष घुमाते है घुडळा राजस्थान में गणगौर पूजन के दौरान सामान्यतः महिलाए व लड़कियां घुडळा घुमाती हैं और पारंपरिक गीत गाती है ।लेकिन जोधपुर शहर में कुछ अनुठी परम्परा है । महिलाओं के प्रमुख लोकपर्व गणगौर पूजन के दौरान जोधपुर में फगड़ा घुड़ला का अनोखा मेला आयोजित किया जाता है ।इस आयोजन की खास बात ये है कि इसमें घुड़ला लेकर पुरुष निकलते हैं और वो भी महिलाओं का वेष धारण करके । जब पुरुष स्त्री का स्वांग धर सोलह सृंगार कर घुडळा लेकर…
Read Moreदेखिये जूनागढ़ के अंदर से कैसे निकलती है सजी धजी गणगौर माता
देखिये जूनागढ़ के अंदर से कैसे निकलती है सजी धजी गणगौर माता राज परिवार के साथ बैंड बाजे और सैनिक होते है और गवरजा माता गहनों से लदी होती है यहाँ दौड़ते हुए ले जाते है गणगौर को क्या है वास्तिव परम्परा पूरा जानिये इस वीडियो में
Read Moreआज की भादानियों की गवर को बचाते बचाते कटी थी 3 लोगों की गर्दन
बीकानेर में गवर को बचाने के लिए 3 लोग गर्दन कट जाने पर भी लड़ते रहे जो आज भी भादाणी जाती द्वारा पूजे जाते है और उनके यहाँ जात दी जाती है। शाही गणगौर कैसे निकलती है और बीकानेर का जोधपुर से गणगौर को लेकर क्या रिस्ता है क्यों आज भी सैनिको को देखकर गणगौर को दौड़ा कर ले जाते है। कैसे ओसवाल बछावत समाज राजा से बचा और भादानियो को अपना गुरु बनाया ? भादो जी कौन थे ? ये सभी आप इस वीडियो में देख कर जान सकते…
Read Moreकोलकाता में मारवाड़ी समाज की भव्य गणगौर
कोलकत्ता में लोक सस्कृति का भव्य आयोजन ‘गणगौर महोत्सव’ महोत्सव में नजर आता है रंगीलो राजस्थान की झलक लोक उत्सव,लोक परम्परा और लोक सस्कृति का जीवंत दृश्य कोलकता के बड़ा बाजार में राजस्थानी गणगौर उत्सव की झलकियां देख कर हर किसी को लगता है कि वो अपने मूल शहर /राजस्थान में आ गया है । राजस्थान में जहाँ बालाएं / महिलाएं गवरजा पूजा करती है दातनीयां देती है,बासा देती हुई गीत गाती है ,तीज -चौथ को गवरे घुमाती हैं , घुलड़े का गीत गाती है,कुए का पानी पीलाती है और…
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