सावा पर हुई चर्चा, बैंक ने 245 परिवारों को 49 लाख की दी गड्डियां रमक झमक रमक झमक कार्यालय में एसबीआई अम्बेडकर सर्किल ब्रांच की ओर विवाह व यगोपवित के कुल 245 परिवारों को नए नोटों की गड्डियां उपलब्ध कराई गई । बैंक द्वारा करीब 49 लाख रुपये के नए नोटों की गड्डियां उपलब्ध करवाई । बैंक की ओर से हेड केशियर अरुण आचार्य व ओम प्रकाश ने सेवाएं दी तथा बाहरी व्यवस्था में नया शहर थाना का सहयोग रहा । सावा को सफल बनाने को लेकर चर्चा सावा की…
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पाटी गोटा खड़ाऊ लेने पहुंचे एक साथ 6 बटुक देखिये बटुकों का रूप, बैंक काउंटर फिर से
रमक झमक की ओर से शनिवार को एस बी आई अम्बेडकर सर्किल ब्रांच की ओर से रमक झमक कार्यालय में बैंक का काउंटर पुनः लगाया जाएगा । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ने बताया विवाह एवं यगोपवित वाले परिवार को नये नोटों की गड्डियां उपलब्ध कराई जाएगी इसके लिये कुंकुम पत्रिका साथ लानी होगी । समय 2 बजे से 4 बजे तक बैंक काउंटर लगेगा. राधे ओझा ने बताया कि यगोपवित बटुकों को शनिवार शाम को पाटी, घोटा, खड़ाऊ व बन्ने का बटुआ वितरण शुरू किया.
Read Moreलग्न भरने व वितरण की सेवा शुरू
लग्न भरने व वितरण की सेवा शुरू बीकानेर । रमक झमक संस्था द्वारा आज बारह गुवाड़ स्थित सेवा शिविर में पुष्करणा सावा में शादी करने वाले वर के लिये टेवा व वधु पक्ष के लिये विवाह लग्न भरने का शुभारंभ हुवा । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ ने बताया कि पण्डित राजेन्द्र किराडू, प.महेश ओझा, प.गोपाल भादाणी, प.आशीष भादाणी, प.सुरेश श्रीमाली, प.बलदेव आचार्य, प.मुरली पुरोहित, प.भैरु छंगाणी व प.जितेंद्र ओझा ने विवाह लग्न व टेवा स्वस्ति वाचन, मंगला चरण व गणेश ध्यान वाचन करते हुवे लग्न भरने की…
Read More‘सावो टिपग्यो रे, किण नै ही म्हारे पर दया नीं आई रे’ पुष्करणा सावे के अवसर पर हुआ कवि सम्मलेन देखे वीडियो
‘कल तक खेली कूदी झगड़ी, इस घर के आंगन में, तेरी किलकारी से आती खुशियां,इस जीवन में’ विदाई गीत की ये पंक्तिया शुक्रवार को रमक झमक संस्थान की ओर से पुष्करणा सावा ऑलम्पिक के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सावा काव्य धारा’ कार्यक्रम में कवि संजय आचार्य वरुण ने प्रस्तुत की । कार्यक्रम में कवि कथाकार कमल रंगा नर ‘सावा है भाइपे री,सामूहिकता रौ भाव है’ प्रस्तुत की । हास्य व्यंग्य कवि बाबूलाल छंगाणी ने सावा धमाल ‘सावो टिपग्यो रे,किण नै ही म्हारे पर दया नीं आई रे’ प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों…
Read Moreहेरिटेज वाक में बाराती बने कल्ला व कलक्टर भी । रमक झमक ने ‘सावा देखण बिकाणे पधारो सा’ गा कर दिया निमन्त्रण’
बीकानेर । 21 फरवरी को बीकानेर शहर में होने वाले पुष्करणा वेडिंग ऑलम्पिक में देश व विदेश के लोग अधिक से अधिक पहुँचे इसके लिये रमक झमक संस्था द्वारा अनोखे अंदाज में आज अंतरराष्ट्रीय ऊँठ उत्सव की हेरिटेज वाक में पैदल चल रहे देश विदेश के पर्यटकों को सावा देखने के लिये आमंत्रण दिया गया । रमक झमक की ओर से मिस्टर डेजर्ट श्याम कल्ला, कलाकार आनन्द मस्ताना,दिलीप रँगा व रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’, विष्णु गणवेश में सजे धजे दूल्हे ए के चुरा व सूर्यनारायण पुरोहित ने…
Read Moreऊँठ उत्सव के दौरान अंतराष्ट्रीय स्तर पर छाया पुष्करणा सावा ऑलम्पिक विष्णुरूप बींद रहे आकर्षण का मुख्य केंद्र
लीक से हटकर व पहलीबार रमक झमक संस्था के नेतृत्व में अंतरष्ट्रीय केमल फेस्टिवल 2019 में पुष्करणा वैडिंग ओलम्पिक पुष्करणा समाज का सावा की निकली बारात में एक साथ दो दूल्हे पौराणिक विष्णु रूप के गणवेश में पिताम्बर,खिड़किया पाग,मावड पहने व पैरो में लकड़ी के खड़ाऊ पहने हुवे थे, चारों ओर फेंटा पहने लौकार पकड़े युवक थे व रंग बिरंगी साड़ियों में महिलाए सजी हुई थी, राजस्थानी घघरा पहनी कई युवतियां भी शामिल थी जो रास्ते मे घूमर करती रही । पण्डित आशीष ने स्वस्ति वाचन किया,महिलाओ ने हर आयो…
Read Moreपुष्करणा सावा रीति रीवाज के पीछे गहरी सोच और तर्क
विवाह के रीति रीवाज के पीछे गहरी सोच और तर्क सगाई- पुष्करण समाज के विवाह संस्कार में जो परंपराएं, रीति रीवाज बने है उसके पीछे एक गहरी सोच है, एक तर्क है, मनोविज्ञान है, आध्यात्मिकता है व सामुहिकता की सोच है। जब सगाई होती है तो लडकी वाले वर पक्ष के बडे बुजुर्ग को बोलते है `म्हारी बाई थोरे गोबर थापणने दी` विनम्रता का भाव देखने को मिलता है वहीं लडके के परिवार वाले ये कहते है आपने हमारे वंश को बढाने के लिए कन्या दी है इसलिए हम ऋणि…
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