विवाह वाले परिवार को इस बार भी मिले नई गड्डियां ,रमक-झमक ने एस बी बी जे से किया आग्रह। रमक-झमक की और से एस बी बी जे पब्लिक ब्रांच व् अम्बेडकर सर्किल ब्रांच के उप महाप्रबन्धक व् प्रबन्धक को नए नोट (गड्डियां) पुष्करणा सावा में विवाह वाले परिवार को देने के लिए आग्रह किया है, रमक-झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ ने कहा कि पुष्करणा समाज के अधिकांश खाते एस बी बी जे की शाखाओं में हे इसलिये ओलिम्पिक सावा जिसमे देश भर से लोग आते है ,ऐसे में बैंक…
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पुष्करणा सावे पर अभिनव प्रयोग स्कुल कालेज के सामने बालिका पढाई व् कुरीति दूर करने की पेरॉडी गीत
पुष्करणा सावे पर अभिनव प्रयोग स्कुल कालेज के सामने बालिका पढाई व् कुरीति दूर करने की पेरॉडी गीत ॐ ना सुषि सा..कुरीतियों ने घटाओ सा.. देश ने बढ़ाओ सा.. पुष्करणा सावे रे माथे टाबर ने परणाओ सा.. पेचा ओढा मिलणी कम आपो ने करनी.. नई करो ला नई मिले ला टाबरो ने बीनणी… स्कूल कॉलेज से हर परिवार व समाज में कुरीतियों को दूर करने का सन्देश लेकर रमक-झमक की टीम पहुँच रही है आज रमक-झमक ने इन सन्देश को पेरॉडी गीत के रूप में लेकर पहुंची नत्थूसर गेट के…
Read Moreपुष्करणा सावा में हर घर कुरीतियों को दूर करने का सन्देश लेके पहुंची रमक झमक टीम
पुष्करणा सावा में हर घर कुरीतियों को दूर करने का सन्देश लेके पहुंची रमक झमक टीम बीकानेर ।पुष्करणा सावा में शादियां अधिक से अधिक हो ,बींद विष्णु गणवेश में अधिक से अधिक हो ये निवेदन के साथ रमक-झमक डॉट कॉम के 21 युवाओं की अलग अलग टीमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निकली । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भेरु’ ने बताया कि नथानी सराय, बारह गुवाड चौक सुरदासनी गली , रघुनाथ सर कुवा,साले की होली, मोहता चौक,भटडो का चौक व् सिंगियो के चौक में घरो में व् पाटों…
Read Moreसावे की परम्परा को बचाने में पहल करेगी महिलायें रमक झमक ने करवाया महिला सम्मेलन
सावे की परम्परा को बचाने में पहल करेगी महिलायें रमक झमक ने करवाया महिला सम्मेलन बीकानेर। सावे की परम्परा बचाने के लिये सोमवार को पुष्करणा समाज की महिलायें एक मंच पर जुटी। कैसे अपनी पंरपरा को बचाने के लिए कम खर्च में और कुरीतियों को मिटाने में महिलायें सहयोग कर सकती है। इन्ही मुद्वो पर रमक झमक डॉट कॉम के बैनर तले महिला सम्मेलन में चर्चा हुई। सम्मेलन में पहॅुची महिलाओ ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और मिलने वालों में सावे की परंपरा को बचाने में पहल करेगी।…
Read More‘सावा संस्कृति का सम्मान’ कार्यक्रम मे हुआ रोबीलों का सम्मान
‘सावा संस्कृति का सम्मान’ कार्यक्रम मे हुआ रोबीलों का सम्मान बीकानेर, 8 जनवरी। रमक-झमक संस्था द्वारा रविवार को बारहगुवाड़ में ‘सावा संस्कृति का सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर की लोक एवं पुष्करणा सावा संस्कृति को बढ़ावा देने वाले रोबीलों एवं शंखवादक का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बार एसोशिएसन के अध्यक्ष कमल नारायण पुरोहित ने कहा कि रोबीलों ने बीकानेर की संस्कृति को देश और दुनिया में विशिष्ठ पहचान दिलाई है। ऊँट उत्सव के अलावा पुष्करणा समाज की सावा संस्कृति एवं पारम्परिक कार्यक्रमों में इनकी प्रभावी भूमिका…
Read Moreपुष्करणा सावा संस्कृति का संवाहक है ‘रमक-झमक’ :डाॅ.जोशी(विधायक)
पुष्करणा सावा संस्कृति का संवाहक है ‘रमक-झमक’ :डाॅ.जोशी(विधायक) पुष्करणा सावा वेबसाइट ‘रमक-झमक डाॅट काॅम’ की हुई रीलांचिंग बीकानेर। बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक डाॅ. गोपाल जोशी ने कहा कि ‘रमक-झमक’ संस्था पुष्करणा के रीति-रिवाज, परम्परा और संस्कृति की संवाहक है। संस्था द्वारा सूचना प्रौद्योगिक के माध्यम से यहां की संस्कृति को देश और दुनिया के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है, यह सराहनीय कार्य है। डाॅ. जोशी ने रमक-झमक संस्था की सामाजिक व सावा संस्कृति के लिए बनी वेबसाइट ‘रमक झमक डाॅट काॅम’ की री-लांचिंग पर यह उद्गार व्यक्त…
Read Moreपुष्करणा सावा रीति रीवाज के पीछे गहरी सोच और तर्क
विवाह के रीति रीवाज के पीछे गहरी सोच और तर्क सगाई- पुष्करण समाज के विवाह संस्कार में जो परंपराएं, रीति रीवाज बने है उसके पीछे एक गहरी सोच है, एक तर्क है, मनोविज्ञान है, आध्यात्मिकता है व सामुहिकता की सोच है। जब सगाई होती है तो लडकी वाले वर पक्ष के बडे बुजुर्ग को बोलते है `म्हारी बाई थोरे गोबर थापणने दी` विनम्रता का भाव देखने को मिलता है वहीं लडके के परिवार वाले ये कहते है आपने हमारे वंश को बढाने के लिए कन्या दी है इसलिए हम ऋणि…
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