छतो पर लौटे पक्षियों की रौनक, प्यासा ना रहे एक भी पक्षी

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कुछ संस्था तो कुछ व्यक्तिगत तौर पर कर रहे पक्षियों के लिए पालसीया लगाने का काम छोटीकाशी बीकानेर नगरी में कुछ संस्थाएं तो कुछ व्यक्तिगत तौर पर पशु पक्षियों की सेवा कार्य में लगे हैं। इस भीषण गर्मी में लू के थपेड़ों के बीच पक्षियों के जीने का एकमात्र सहारा पानी ही होता है। पशु पक्षियों की सेवा करना हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है हर घर की छत पर पक्षियों के लिए पालसिया (परिंडा) रखना उनके लिए पानी भरना नित्य कर्म का ही एक भाग है। पुराने घरो और…

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देखिये नरसिंह अवतार और हिरण्यकश्यप का वध का वीडियो

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नरसिंह जयंती पर हर चौक में भरा मेला देखिये नथूसर गेट पर हुए मेले का आयोजन

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देखिये आखातीज पर पतंग उड़ाने पूरा शहर आया छत पर

Bikaner akhateez image
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पुरे हर्ष उल्लास के साथ मनाया बीकानेर स्थापना दिवस आखाबीज और अखातीज आप हमारे यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज को लिखे जरूर करें ताकि वीडियो की पोस्ट आप तक सीधी पहुंच जाये

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बीकानेर व्यास जाति के झूझार ( लौंदा बाबा) गर्दन कटने पर भी लड़ते रहे, अखातीज पर होती है पूजा

लौंदा बाबा
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बीकानेर का शहर परकोटा वीरों और योद्धाओं का क्षेत्र है, ऐसे बहुत से उदाहरण मिलते है जब यहाँ के लोगों ने अपनी आन बान शान और समाज के लिये अपनी जान न्यौछावर कर दी। कई तो ऐसे भी हुवे है जिनकी गर्दन धड़ से अलग हो गई, फिर भी वे शांत नहीं हुवे और तलवार घुमाते हुवे लड़ते रहे। व्यास जाति के एक वीर ने वर्षो पहले किसी लड़ाई में गर्दन धड़ से अलग होने पर भी अपने दुश्मनों से लड़ते रहे, क्रोध इतना था कि उनकी तलवार चलती रही।…

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खाने, खिलाने व स्वाद के दीवानों का अपनत्व वाला शहर है बीकानेर

Khichda
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अलमस्त शहर बीकानेर के लोग खाने में जॉयका पसन्द करते है, जायका और स्वाद लेना यानि उसके टेस्ट को समझना तो कोई इस शहर से सीखे। यहां के लोग खाने के बहुत शौकीन है भुजिया पापड़,कचोड़ी,रबड़ी और मलाई रोज ताजा बनते है और रोज रात 10 बजे तक करीब करीब खत्म हो जाते है। खीचिए और भुजिया देर रात 3 बजे तक उपलब्ध हो जाते है लेकिन यहां शहर परकोटे में लोगों को जितना खाने का शौक़ है उससे कहीं अधिक उन्हें खिलाने का शौक है, पैसे लगाकर खिलाना और…

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हवेलियों, पाटों, चौक व गुवाड़ वाला शहर बीकानेर

Bikaner junagarh fort
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जन्मदिन अक्षय तृतीया पर विशेष बीकानेर शहर में लाल पत्थरों की हवेलियां और उनकी नक्काशी, ऊँठ की खाल पर उस्ता कला, काष्ठ पर मथेरण कला,शहर के दरवाजे,गेट,बारियां, गुवाड़, घाटी,चौक और चौक में रखे हुवे बड़े -बड़े पाटे इस शहर को खाश बनाते है। खाशकर शहर परकोटे की खाश जानकारी लगभग हर चौक की जो मौखिक सूत्रों से संजय श्रीमाली ने लिखी है। आप भी जानकर पढ़कर आनंदित होंगे। (रमक झमक) इतिहास व सस्कृति से समृद्ध शहर बीकानेर शहर ऐतिहासिक एवं सांस्कृति दृष्टि से बहुत समृद्ध रहा है। शहर की बनावट,…

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देश और दुनिया से कैसे अलग है बीकानेर जानिये

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बीकानेर देश और दुनिया से कैसे अलग है यहाँ ऐसा क्या होता है जो पूरी दुनिया में सिर्फ यही होता है और कहीं भी नहीं होता यहाँ ऐसा क्या है जो पूरी दुनिया या भारत में कहीं नहीं है जानिये इस वीडियो में। लाइक और शेयर करना ना भूले। यूट्यूब चैनल पर जाकर सब्सक्राइब करना ना भूले यूट्यूब चैनल पर जाकर सब्सक्राइब करना ना भूले

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