आंवला नवमी से शुरू होने वाला 3 दिनों का तुलसी माता व्रत समस्त पापो को नष्ट करके विष्णुलोक की प्राप्ति कराने वाला है। इस व्रत को करने से सारे पाप खत्म हो जाते है। एक बार धर्मराज युधिष्ठिर के पूछने पर भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि सतयुग में मुनि वशिष्ठ के निर्देश के अनुसार सर्वप्रथम इस व्रत को अरूंधत्ति ने किया था। इसी प्रकार देवलोक में ब्रह्मा जी के कहने पर सावित्री और इंद्राणी द्वारा इस व्रत को किया गया था। कब किया जाता है तुलसी माता का व्रत कार्तिक…
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गौ की धूल, परिक्रमा व जुगाली देगी लाभ – गोपाष्टमी
गाय और गोपाल:- गोपाष्टमी के दिन बालकृष्ण ने गौओं को चराना शुरू किया, गौ का पालन करने से श्री कृष्ण का नाम गोपाल पड़ा और कार्तिक शुक्ला अष्टमी को गोपाष्टमी कहा जाने लगा और कृष्ण का नाम गोपाल भी पड़ा। प्रत्यक्ष देवी गाय:- गाय सर्वदेवमयी है, इसमें 33 कोटि देवता निवास करते है। इस धरा पर गाय और गंगा प्रत्यक्ष देवी है। गोपाष्टमी पर क्या करें:- गौधूलि बेला पर घर से बाहर पश्चिम की ओर मुख करके दीपक करें। गाय की पूंछ पर मोली बांधे, उसका श्रंगार करें।चारा गुड़ खिलाए।तिलक…
Read Moreबहन द्वारा भाई को तिलक कैसे करना चाहिए, जानिए भाई दूज की कथा व शुभ मुहूर्त
आमतौर पर भारतीय परंपरा मे बहन बेटियों के घर नहीं जाया जाता है। घर की बेटियों के बहनों के यहां भोजन नही किया जाता है बल्कि सुहासिनी को हमेशा कुछ दिया ही जाता है लिया नही जाता। हालांकि आधुनिक दौर में समय और परिस्थितियों को देखते हुए कई बार दूरी अधिक होने पर ऐसा करने में अनुचित नही समझा जाता ऐसी परिस्थितियां होने पर भी भेंट स्वरूप सुहासिनी के घर दिया ही जाता है। लेकिन क्या आप जानते है साल में भाई दूज का एक ऐसा भी दिन है जिस…
Read Moreये ध्यान रखने से लक्ष्मी जी जरूर आएगी आपके घर
यूँ तो हर पल नया है आने वाला हर दिन नया है लेकिन आप जानते होंगे हमें हमेशा से त्योहार के दिनों में यही कहा जाता है कि ये नये दिन है। नये दिन का अर्थ क्या है वास्तव में दीपावली से एक तरह की नये जीवन की शुरुआत होती है। दीवाली से कई दिन पहले ही साफ सफाई, रंगाई-पोताई शुरू हो जाती है। घर की हर छोटी से छोटी चीज को भी साफ करके रखा जाता है। सभी गैरजरूरी वस्तुओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। नए…
Read Moreदीपावली पर लक्ष्मी पूजन व दीपमाला का श्रेष्ठ मुहूर्त
इस वर्ष महालक्ष्मी पूजन व दीपोत्सव 14 नवम्बर को होने जा रहा है। इस दिन चन्द्रमा स्वाति व विशाखा नक्षत्र में गोचर करते हुवे तुला राशि में रहेंगे। भारत के प्रमुख शहरों के अनुसार दीपावली पूजन का शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा। बीकानेर कुम्भ लग्न दो.1:17 से 2:45 , वृषभ लग्न सा. 5:49 से 7:44 , सिंह लग्न रा. 12:13 से 2:32 चौघड़िया अनुसार शुभ समय लाभअमृत दो. 1:42 से 4:23, लाभ सा. 5:44 से 7:23 , शुभअमृत रा. 9:3 से 12:21 जयपुर कु. ल. 1:5 से 2:34 , वृ.…
Read Moreनरक चतुर्दशी क्या है इस दिन किसकी पूजा का है महत्व जानिए सम्पूर्ण कथाएं
सतयुग से शुरुआत होकर त्रेता, द्वापर में कई ऐसी बड़ी घटनाएं हुई है जिसे विशेष माना जाता है। एक ही विशेष दिन कई ऐसे पर्व, आयोजन, घटनाएं आदि हुई है। इसे इस तरह से समझा जा सकता है जैसे परिवार की अलग अलग पीढ़ियों के सदस्यों का जन्मदिन एक ही तिथि को पड़ता हो तो कई बार दादा और पोते के जन्मदिन को एक ही दिन मनाया जाता है। क्योकि वे अपने अपने समय मे उसी तिथि के दिन पैदा हुए है। इस तरह त्योहारों में कई बार देखा जाता…
Read Moreधनतेरस क्यों मनाई जाती है क्या है महत्व जानिए
पाँच दिनों का महापर्व दीपावली अपने आप मे एक संपूर्ण त्योहार है। धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलने वाले इस उत्सव के हर दिन की एक अलग विशेषता है। हमारी संस्कृति में हर उत्सव हर त्योहार का एक विशेष प्रयोजन होता है। पांच दिन के दीपावली पर्व को एकीकृत रूप में देखा जाता है इसके हर एक दिन की अलग और विशेष महत्ता है। इन पांच दिनों के पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। धनतेरस का पर्व हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को…
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