गौ की धूल, परिक्रमा व जुगाली देगी लाभ – गोपाष्टमी

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गाय और गोपाल:- गोपाष्टमी के दिन बालकृष्ण ने गौओं को चराना शुरू किया, गौ का पालन करने से श्री कृष्ण का नाम गोपाल पड़ा और कार्तिक शुक्ला अष्टमी को गोपाष्टमी कहा जाने लगा और कृष्ण का नाम गोपाल भी पड़ा। प्रत्यक्ष देवी गाय:- गाय सर्वदेवमयी है, इसमें 33 कोटि देवता निवास करते है। इस धरा पर गाय और गंगा प्रत्यक्ष देवी है। गोपाष्टमी पर क्या करें:- गौधूलि बेला पर घर से बाहर पश्चिम की ओर मुख करके दीपक करें। गाय की पूंछ पर मोली बांधे, उसका श्रंगार करें।चारा गुड़ खिलाए।तिलक…

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बहन द्वारा भाई को तिलक कैसे करना चाहिए, जानिए भाई दूज की कथा व शुभ मुहूर्त

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आमतौर पर भारतीय परंपरा मे बहन बेटियों के घर नहीं जाया जाता है। घर की बेटियों के बहनों के यहां भोजन नही किया जाता है बल्कि सुहासिनी को हमेशा कुछ दिया ही जाता है लिया नही जाता। हालांकि आधुनिक दौर में समय और परिस्थितियों को देखते हुए कई बार दूरी अधिक होने पर ऐसा करने में अनुचित नही समझा जाता ऐसी परिस्थितियां होने पर भी भेंट स्वरूप सुहासिनी के घर दिया ही जाता है। लेकिन क्या आप जानते है साल में भाई दूज का एक ऐसा भी दिन है जिस…

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ये ध्यान रखने से लक्ष्मी जी जरूर आएगी आपके घर

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यूँ तो हर पल नया है आने वाला हर दिन नया है लेकिन आप जानते होंगे हमें हमेशा से त्योहार के दिनों में यही कहा जाता है कि ये नये दिन है। नये दिन का अर्थ क्या है वास्तव में दीपावली से एक तरह की नये जीवन की शुरुआत होती है। दीवाली से कई दिन पहले ही साफ सफाई, रंगाई-पोताई शुरू हो जाती है। घर की हर छोटी से छोटी चीज को भी साफ करके रखा जाता है। सभी गैरजरूरी वस्तुओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। नए…

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दीपावली पर लक्ष्मी पूजन व दीपमाला का श्रेष्ठ मुहूर्त

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इस वर्ष महालक्ष्मी पूजन व दीपोत्सव 14 नवम्बर को होने जा रहा है। इस दिन चन्द्रमा स्वाति व विशाखा नक्षत्र में गोचर करते हुवे तुला राशि में रहेंगे। भारत के प्रमुख शहरों के अनुसार दीपावली पूजन का शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा। बीकानेर कुम्भ लग्न दो.1:17 से 2:45 , वृषभ लग्न सा. 5:49 से 7:44 , सिंह लग्न रा. 12:13 से 2:32 चौघड़िया अनुसार शुभ समय लाभअमृत दो. 1:42 से 4:23, लाभ सा. 5:44 से 7:23 , शुभअमृत रा. 9:3 से 12:21 जयपुर कु. ल. 1:5 से 2:34 , वृ.…

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नरक चतुर्दशी क्या है इस दिन किसकी पूजा का है महत्व जानिए सम्पूर्ण कथाएं

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सतयुग से शुरुआत होकर त्रेता, द्वापर में कई ऐसी बड़ी घटनाएं हुई है जिसे विशेष माना जाता है। एक ही विशेष दिन कई ऐसे पर्व, आयोजन, घटनाएं आदि हुई है। इसे इस तरह से समझा जा सकता है जैसे परिवार की अलग अलग पीढ़ियों के सदस्यों का जन्मदिन एक ही तिथि को पड़ता हो तो कई बार दादा और पोते के जन्मदिन को एक ही दिन मनाया जाता है। क्योकि वे अपने अपने समय मे उसी तिथि के दिन पैदा हुए है। इस तरह त्योहारों में कई बार देखा जाता…

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धनतेरस क्यों मनाई जाती है क्या है महत्व जानिए

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पाँच दिनों का महापर्व दीपावली अपने आप मे एक संपूर्ण त्योहार है। धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलने वाले इस उत्सव के हर दिन की एक अलग विशेषता है। हमारी संस्कृति में हर उत्सव हर त्योहार का एक विशेष प्रयोजन होता है। पांच दिन के दीपावली पर्व को एकीकृत रूप में देखा जाता है इसके हर एक दिन की अलग और विशेष महत्ता है। इन पांच दिनों के पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। धनतेरस का पर्व हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को…

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करवो ले बाई करवो ले भाइयो री बहना करवो ले- करवा चौथ की कथा, महत्व व पूरी जानकारी

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सुहागिन महिलाओं का सबसे बड़ा व्रत करवा चौथ आ रहा है। इस व्रत को लेकर महिलाएं बेहद उत्साहित रहती है। नए कपड़े खरीदने से लेकर व्रत के लिए उपयोग में आने वाले चलनी/छलनी तक की सजावट करती है। करवा चौथ का व्रत मुख्यतः उत्तर भारत के राज्यों में प्रचलित था लेकिन अब टीवी में धारावाहिकों और फिल्मों के माध्यम से यह पूरे देश में प्रसिद्ध हो गया। आज लगभग पूरे भारत मे ही करवा चौथ के व्रत को बड़े ही उत्साह के साथ उत्सव के रूप में मनाया जाता है।…

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