नये संसद भवन में अशोक स्तंभ को रूप देने वाले मूर्तिकार लक्ष्मण व्यास, साहित्यकार छंगाणी, डॉ सोनी व डाँ अबरार का रमक अभिनन्दन

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संसद भवन में राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ को आकार देने वाले देश के प्रख्यात मूर्तिकार लक्ष्मण व्यास, साहित्यकार छंगाणी, डॉ सोनी व डॉ अबरार का अभिनन्दन

 

बीकानेर। सांस्कृतिक गतिविधियों में निरन्तर गतिशील संस्थान रमक झमक के खुले प्रांगण में सांस्कृतिक विरासत व पौराणिक कला पर चर्चा तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया। समारोह में संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ को आकार देने वाले देश के प्रख्यात मूर्तिकार लक्ष्मण व्यास का भव्य अभिनन्दन किया गया।

रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’, राधेकृष्ण ओझा, शिव छंगाणी, नित्यानंद पारीक, पुलिस उपाधीक्षक मुकेश आचार्य मारवाड़ी समाज के मदनमोहन हर्ष ने माला, श्रीफल, ओपरणा, शाल, साफ़ा व अभिनन्दन पत्र भेंट कर सम्मानित किया। पेंटर भूरमल सोनी व पेंटर धर्मा ने कला युक्त तुलसी पौधा व पेंटिंग भेंट की। जाने माने कवि राजाराम स्वर्णकार, श्रीमती कृष्णा आचार्य ने अपनी पुस्तकें भेंट की तथा संजय आचार्य वरुण, जुगल पुरोहित, शंकरलाल स्वामी, कमल रंगा व शिव दाधीच ने अतिथियों के सत्कार में रचनाएं सुनाई। इससे पूर्व लोक गायिका श्रीमती पद्मा व्यास ने स्वागत गीत व मास्टर पिंटू ओझा ने नाक से बांसुरी वादन किया।

 

समारोह में लक्ष्मीनाथ मन्दिर रामलीला कमेटी के गिरिराज जोशी व कैलाश भादाणी ने श्री व्यास के समक्ष कुछ डायलॉग सुनाकर उनसे इस कला को बढ़ावा देने की ओर ध्यान खींचा। समारोह की अध्यक्षता रतना महाराज ने की ।अभिनन्दन पत्र का वाचन महेंद्र आचार्य व बाबूलाल छंगाणी ने किया। राजस्थान व मारवाड़ी समाज का नाम रोशन करने के लिये उपस्थित बुजुर्ग महिलाओं ने व्यास को खूब आशीर्वाद दिया।

समारोह में बीकानेर संभाग की सबसे बड़ी मेडिकल कालेज के नवनियुक्त प्राचार्य श्वशन रोग विशेषज्ञ डॉ गुंजन सोनी व नवनियुक्त सीएमएचओ डॉ एम अबरार व राजस्थानी भाषा अकादमी के अध्यक्ष राजस्थानी गीतकार शिवराज छंगाणी का भी अभिनन्दन किया गया ।

अभिनन्दन समारोह में समाज सेवी महेश व्यास, सतीश किराड़ू, सुशील किराड़ू,भरत पुरोहित, महेंद्र जोशी, महेंद्र आचार्य, राजकुमार व्यास, मोहन लाल खत्री, सुरेंद्र मारू, प्रो रजनी हर्ष, सहित शहर के अनेक गणमान्य लोग शामिल हुवे।

अभिनन्दन समारोह में मूर्तिकार व्यास ने कहा कि रमक झमक जैसी सक्रिय नवाचार करने वाली सांस्कतिक संस्था ललित कला के क्षेत्र में आगे आए तो वे भी उनका सहयोग करेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि वे ललित कला के क्षेत्र में कला और कलाकार के विकास प्रोत्साहन हेतु कार्य करेंगे। समारोह के अंत में प्रेम रतन छंगाणी ने रमक झमक की ओर से आभार प्रकट किया।

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