नरसिंह जयंती के दिन विभिन्न चौक में नरसिंह जी का मेल भरा । मेले को देखने दर्शको और भक्तों की काफी भीड़ लखोटियों के चौक, डागा चौक व नथुसर गेट पर रही । लखोटियों के चौक में शाम पांच बजे ही हिरन्यकश्यप का रूप धर विभिन्न मोहल्लो में चक्कर निकालने चालू कर दिए और करीब ६ बजे नरसिंह रूप धर चौक के पाटे पर आये और प्रह्लाद को गोद्द में लेकर नृत्य किया । चारों तरह ‘ हिरना किशना गोविंदा प्रह्लाद भजे’ के श्वर सुनाई दे रहे थे । छोटे…
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चूहों री घुड दौड़ …कुत्तों री कुश्ती ….सांड ओ ओ ड्र… ड्र.. ड्र..
चूहों री घुड दौड़ …कुत्तों री कुश्ती ….सांड ओ ओ ड्र… ड्र.. ड्र.. अरे भाई ! आ बात सही है …आपोरे शहर री तो हालत आईज है….चूहे रे काटने रो इलाज करवाने बीमार अस्पताल में भर्ती…और रात बेइज जागा फेर चूहों कट्ग्यो……क्युकी अठे तो रात में चूहों री घुड दौड़ लागे….और कुत्ता तो बड़े आराम सु पूरी फौज साथै …चौक और मोहल्ले रे सागे सागे अस्पताल में भी कई बार दंगल कर जोर अजमाइश करे…! अरे हाँ.., सांड तो बीकानेर री पहचान बनग्या शहर रे चौक में…सांड नजर नि आवे…
Read Moreगली में भूतनी- भूतनी …पकड़ो पकड़ो…
गली में भूतनी- गली में भूतनी-भूतनी …पकड़ो पकड़ो…लूटो लूटो…. गली में गली में …. आयगी आयगी….पट पटिल…..तीगी तीगी..डंडल….लाल लाल….भूतनी भूतनी…लूटो लूटो….पकड़ो पकड़ो ….! अब हर दिन सुबह से शाम तक बीकानेर शहर के अंदुरीनी इलाके में हर रोज ये ही नजारा…१३ तारीख तक चलेगा…आखातीज के दिन पुरे दिन भर तेज गर्मी के बावजूद पूरा शहर का आसमान विभिन्न रंगों की पतंगों से पूरा ढक जायेगा…ये नजारा आज से ही शुरू हो चुका है.. पतंग और माझा की हर दुकान पर भीड़….डडल पुनि १५ रुपये की और सबसे महंगी..भूतनी पतंग…पुनि २५…
Read Moreडेढ होशियारी मंहगी पड़ी !
हमने यह तो सुना था कि बस स्टेण्ड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थल पर कई बार जेब कट जाती है साफ हो जाती है लेकिन कोई घर बुलवाकर स्वयं लुटवाएं तो ! जी हां जनाब ! ये पाटे पर खबर है भीख मांगने घर आए भिखारी ने धीमें स्वर में कहां बहनजी मेरे पास एक सोने का हार है मुझे कहीं से मिल गया था, बाजार में बेच भी नहीं सकता अगर आप इसे ले लेवे तो००००० बहनजी मन ही मन बड़ा खुश होकर बड़़ी होशियारी से कहा बताओ बहनजी…
Read Moreमाता ए थारे टाबरियों ने अम्मी भर छाटो घाले
बीकानेर में बारह मासा गणगौर का मेला भरा गया और कल बारह मासा गणगौर को चोतिना कुआ पर पानी पिलाने व जूनागढ़ में खोल भारी रस्म के साथ बारह मासा गणगौर को विदाई दी जाएगी । इससे पूर्व शहर भर में गणगौर को घुमाया जायेगा लोग अपनी अपनी गणगौर की मूर्तियों को लेकर सगे सबंधियो के यहाँ जायेंगे । आज शहर के कई चौक और मोहलों में शाम को गणगौर बैठी । बारह गुवाड़ चौक में इश्वर महाराज छंगाणी की मिटटी कुट्टी की बनी गवरजा के दर्शन करने वालों व…
Read Moreबाली गवर की विदाई, धींगा गवर आई- धींगाणे के काम भी सफल हो इसलिए पूजी जाती है धींगा गवर
बाली गवर को विदाई के साथ चैत्र सुदी 4 से पूजन शुरू किया जाता हैं । यह व्रत वैषाख बदी 3 तक चलता है तथा वैषाख बदी 4 को इसे विदाई दी जाती हैं । इसको स्त्रियां दीवार पर बनाकर पूजा करती हैं । यह धींगा गवर का वो पूजन है जिसे इस संसार में कोई भी सुख नहीं मिलता है उसे प्राप्त करने के लिए भक्त की इच्छा रहती हैं जो इस जन्म में (धींगाणे का काम) जो नसीब में नहीं हैं फिर भी मनोकामना पूर्ण करती हैं ।…
Read Moreगणगौर की शाही सवारी और दौड़ को देखने उमड़े लोग, देखे झलकियाँ
देखिये जूनागढ़ के आगे से निकलती गणगौर की शाही यात्रा और विभिन्न जगहों से प्राप्त हुए गवर के फोटो बीकानेर के जूनागढ़ से परम्परागत तरीके से गणगौर की शाही सवारी निकली । शाही गणगौर के आगे राजपरिवार के बेंड की स्वर लहरिया वातावरण को गणगौर मय बना रहा था । शाही अंदाज में शाही बैंड और उसमे राजपरिवार के लोग भी सामिल हुवे ये शाही सवारी चौतीना कुआ तक पहुची और चौतीना कुआ पर शहर के विभिन्न इलाको से भी लोग अपनी अपनी गणगौर की मूर्तियाँ लेकर पहुचे । जहा…
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