ये है वास्तविक ‘डोलची’ -यह चमड़े की बनी होती है। -डोलची ऊंट की खाल से बनी होती है। -इसके पीछे लकड़ी का हत्था इसे पकड़ने के लिये होता है। -इसमें करीब 800 से 900 ml पानी भरा जाता है। -इसका आगे का मुंह तिकोना टाइप होता है। -यह दो प्रकार की होती है,लेफ्ट हेंडर के लिये अलग व राइट हेंडर के लिये अलग। -इसकी लम्बाई 9 इंच होती है। -इसका मुच् करीब साढ़े तीन से चार इंच तक बनावट के अनुरूप होता है। -इसमें पानी भर कर एक दूसरे की…
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अब हर रोज 11:56 पर भूरी में भगवान- बीकानेर होली
पहले साफी साफ कर पीछे रंग लगाय! चला जाए कैलाश को शिव को शीश निवाय!! दाऊ के दयाल बृज के राजा ! भांग पीवे तो भेरूकुटिया आजा!! हरी में हर बसे भूरी(भांग) में भगवान वैसे तो भांग जिन्हें भांग प्रेमी व शिव भक्त विजया कहते है,रोज 11:56 जो अभिजीत मुहूर्त होता है उस समय मन्त्रो भजनों के साथ बड़े जोश उल्लास और आध्यात्मिक माहौल बनाकर भांग घोटते व छानते है लेकिन होली में होलका के साथ हर रोज किसी न किसी मोहल्ले में लोग अपनी स्वेच्छा से भांग महोत्सव करवाते…
Read Moreबीकानेर में होली खेलने से पहले लेते है मां नागणेची से स्वीकृति
पहले माँ भगवती खेलती है होली, फिर बीकानेर शहरवासी इस शहर में होली पूरे 8 दिन खेली जाती है। शहर के लोग एकत्रित होकर फाल्गुन शुक्ला सप्तमी (खेल सप्तमी) को माँ भगवती नागणेची के दरबार पहुचते है और सबसे पहले भगवती को होली खेलाकर उन्हें रिझाते है और प्रार्थना करते है कि आज 8 दिन लगातार उन्हें होली खेलने की इजाजत दे और इस दौरान शहर में शांति सद्भाव बना रहे और आनन्द की बयार बहती रहे। भक्त अपने भाव से माता द्वारा शहर में होली खेलने की स्वीकृति लेकर…
Read Moreबीकानेर के देवी कुंड सागर का चमत्कारी सती माता मंदिर जहां खंभों से आज भी बहता है दूध
बीकानेर का देवी कुंड सागर जो यहां से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर गडसीसर गांव के पास स्थित है बीकानेर राजवंश का श्मशान घाट कहा जाता है। बीकानेर के पूर्व राजाओं महाराजाओं रानियों का अंतिम संस्कार इसी जगह पर किया गया वह जिस जगह पर उनका दाह संस्कार किया गया उसी जगह पर एक छतरी बना दी गई। यहां महाराजा गंगा सिंह जी की पत्नी वल्लभ कुंवर देवी की भी छतरी है जिसे ‘दूध झरने वाली छतरी’ भी कहा जाता है। यहां आज भी दूध झरने की घटना होती…
Read Moreभारत एकमात्र गणेश मंदिर जो राजस्थान के बीकानेर में है
भारतवर्ष में कई ऐसे प्राचीनतम मंदिर अनोखे मंदिर है जो अपनी एक अलग विशेषताओं के लिए पूरी दुनिया में पहचान रखते है ऐसे ही एक मंदिर राजस्थान के बीकानेर जिले में है जहां भक्त गणेश भगवान के निज मंदिर में प्रवेश कर उनके कानों में अपनी मनोकामना बोलते है और उनकी इच्छा पूरी भी होती है इस गणेश जी मंदिर का नाम है कान गणेश जी मंदिर कई लोग इसे कान वाले गणेश जी भी कहते है। यह मंदिर राजस्थान बीकानेर जिले के अन्त्योदय नगर में स्थित है। आप नीचे…
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