तपे जेठ, तो बरखा हो भर पेट।। क्या है ‘तपा तप’ और ‘दस तपा’ ? जेठ यानि जेष्ठ माह में जहाँ जहाँ गर्मी पड़ती है वहाँ बरसात भी अधिक होती है, इसलिये जिस शहरों में अभी गर्मी अधिक पड़ रही है उन्हें आगामी दिनों में पानी की किल्लत कम होगी। अभी अखबारों में नो तपा दस तपा हेडिंग आया लेकिन ये क्या होता है कब होता और इसका क्या प्रभाव है वो जानकारी संकलित कर बता रहा है रमक झमक। तपा तप जेष्ठ कृष्णपक्ष दशमी तिथि से लेकर पूर्णिमा तक…
Read MoreAuthor: ramakjhamak
छतो पर लौटे पक्षियों की रौनक, प्यासा ना रहे एक भी पक्षी
कुछ संस्था तो कुछ व्यक्तिगत तौर पर कर रहे पक्षियों के लिए पालसीया लगाने का काम छोटीकाशी बीकानेर नगरी में कुछ संस्थाएं तो कुछ व्यक्तिगत तौर पर पशु पक्षियों की सेवा कार्य में लगे हैं। इस भीषण गर्मी में लू के थपेड़ों के बीच पक्षियों के जीने का एकमात्र सहारा पानी ही होता है। पशु पक्षियों की सेवा करना हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है हर घर की छत पर पक्षियों के लिए पालसिया (परिंडा) रखना उनके लिए पानी भरना नित्य कर्म का ही एक भाग है। पुराने घरो और…
Read Moreदेखिये नरसिंह अवतार और हिरण्यकश्यप का वध का वीडियो
नरसिंह जयंती पर हर चौक में भरा मेला देखिये नथूसर गेट पर हुए मेले का आयोजन
Read Moreआधुनिक ज्योतिष के उपायों को छोड़ किसी भी काम के लिए ये करें
पिता, नाना व बहन के सम्मान से खराब ग्रह चाल भी हो जाएगी ठीक आधुनिक युग और पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के चलते लोगों को शार्ट कट की चाहत बढ़ी है। जीवन की भागम भाग में रिश्ते पीछे छूट रहे है और लोग ज्योतिषियों तांत्रिकों से शॉर्टकट उपाय पूछ रहे है। नोकरी, पद, प्रतिष्ठा, शादी व संतान पाने के लिए लोग क्या क्या नहीं कर रहे है। डिप्रेशन से निकलने का रास्ता भी डॉक्टर से लेकर ज्योतिषियों तक को पूछा जा रहा है। कौनसा ग्रह खराब है किस ग्रह की…
Read Moreदेखिये आखातीज पर पतंग उड़ाने पूरा शहर आया छत पर
पुरे हर्ष उल्लास के साथ मनाया बीकानेर स्थापना दिवस आखाबीज और अखातीज आप हमारे यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज को लिखे जरूर करें ताकि वीडियो की पोस्ट आप तक सीधी पहुंच जाये
Read Moreबीकानेर व्यास जाति के झूझार ( लौंदा बाबा) गर्दन कटने पर भी लड़ते रहे, अखातीज पर होती है पूजा
बीकानेर का शहर परकोटा वीरों और योद्धाओं का क्षेत्र है, ऐसे बहुत से उदाहरण मिलते है जब यहाँ के लोगों ने अपनी आन बान शान और समाज के लिये अपनी जान न्यौछावर कर दी। कई तो ऐसे भी हुवे है जिनकी गर्दन धड़ से अलग हो गई, फिर भी वे शांत नहीं हुवे और तलवार घुमाते हुवे लड़ते रहे। व्यास जाति के एक वीर ने वर्षो पहले किसी लड़ाई में गर्दन धड़ से अलग होने पर भी अपने दुश्मनों से लड़ते रहे, क्रोध इतना था कि उनकी तलवार चलती रही।…
Read Moreखाने, खिलाने व स्वाद के दीवानों का अपनत्व वाला शहर है बीकानेर
अलमस्त शहर बीकानेर के लोग खाने में जॉयका पसन्द करते है, जायका और स्वाद लेना यानि उसके टेस्ट को समझना तो कोई इस शहर से सीखे। यहां के लोग खाने के बहुत शौकीन है भुजिया पापड़,कचोड़ी,रबड़ी और मलाई रोज ताजा बनते है और रोज रात 10 बजे तक करीब करीब खत्म हो जाते है। खीचिए और भुजिया देर रात 3 बजे तक उपलब्ध हो जाते है लेकिन यहां शहर परकोटे में लोगों को जितना खाने का शौक़ है उससे कहीं अधिक उन्हें खिलाने का शौक है, पैसे लगाकर खिलाना और…
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