श्री श्री मनसा पूरण गवरजा(कोलकत्ता) -‘आओ धरती पर इणबार मनसा पूरो जी ’ कोलकाता.श्री श्री मनसापूरण गरवजा माता मण्डली (अंतर्गत: श्री श्री मनसा पूरण गवरजा माता सेवा ट्रस्ट)के गणगौर पूजन उत्सव का शुभारम्भ 29 मार्च को होगा.बड़ाबाजार, ढ़ाका पट्टी चौक में ग्यारह पंडितों द्वारा श्री गणेश पूजन और स्वस्ति वाचन के बाद पं. कालिदास किराडू के आचार्यत्व में पूजा अर्चना के कार्यक्रम संपन्न होंगे.मां गणगौर पूजा मंडप में विराजेगी.अवदानों के लिए स्मृति शेष-दाऊ लाल पुरोहित(रामाणी),रामदेव रंगा, बद्री दास व्यास(विशाल)एक बार फिर याद किये जायेंगे.संस्थापक जगदीश हर्ष ,देव किशन पुरोहित ने…
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होली का स्पेशल पोलिस ऑफिसर पंकज हर्ष
बीकानेर की होली निराली है यहा इन दिनो मे विभिन्न तरीके के स्वांग धरे लोग दिख जाते है जिससे कुछ लोगो का तो यह पता लगाना भी मुश्किल होता है की वह व्यक्ति असली है या नकली। ऐसे ही होली मे शहर मे पोलिस ऑफिसर का स्वांग धरे हर्ष लेमिनेशन के पंकज हर्ष भीड़ भाड़ वाले इलाके मे खड़े हो जाते है और लग जाते है भीड़ मे कंट्रोल करने ओर चालान का नाटक करने। स्वांग धरे पंकज हर्ष ने बताया की कई बार ऐसा होता है के मुझे असली…
Read More*रमक झमक द्वारा रम्मतों व् डोलची कलाकारों का अभिनन्दन*
*रमक झमक द्वारा रम्मतों व् डोलची कलाकारों का अभिनन्दन* बीकानेर होली पर सास्कृतिक परम्परा व् मूल सस्कृति के संवाहक संगठन व् व्यक्तियों को रमक झमक संस्था सम्मानित कर रही है । रमक झमक के राधे ओझा ने बताया कि रमक झमक द्वारा आज कीकाणी व्यासों के चौक एवं बारह गुवाड चौक में मंचित स्वाग मेहरी रम्मत के कलाकारों को डॉ बी डी कल्ला, जनार्दन कल्ला,रतना महाराज, पुजारी बाबा, शेर महाराज ,मदन छंगाणी व् रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा’भैरु’ ने मालाए व् दुपट्टा पहनाए तथा रम्मत के सबसे वरिष्ठ कलाकार…
Read More*बीकानेर शहर की ‘रम्मत’ का रमक-झमक करेगा सम्मान*
*बीकानेर शहर की ‘रम्मत’ का रमक-झमक करेगा सम्मान* होली के दिनों में शहर के विभिन्न चौक व् मोहल्लों में होनी वाली रम्मतों व् उसके कलाकारों का रमक झमक सम्मान करेगा । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ ने बताया आधुनिक व् टीवी युग में ‘रम्मत’ अत्यंत कठिन दौर से गुजर रही है इस कला परम्परा व् संस्कृति को संरक्षण की आवश्यकता महसूस हो रही है ।पुष्करणा सावा संस्कृति को रमक झमक ने देश ही नही विदेशो में पहचान दिलाई हे और लोगो के आग्रह पर बीकानेर शहर की होली…
Read Moreराख भस्मी से भरे जाते हे गोदाम और करवाया जाता है भस्मी स्नान !
राख भस्मी से भरे जाते हे गोदाम और करवाया जाता है भस्मी स्नान ! नगर के भीतरी इलाको मे होली मनाने के खेलने के अजीबो गरीब तरिके हे ,शहर के लोग हर चीज में आनंद व् मस्ती ढूढ ही लेते है । इसके पीछे कई मान्यताएं व् तर्क भी है । होली की रात को बहार बैठ कर सब लोग होली के अंगारों पर पापड़ सेकते हे और खाते है तथा सबको बाटते व् खिलाते है इसके लिये प्रहलाद ओझा ‘भैरु’कहते हे कि होलिका में अनेक शक्तियां थी और वो…
Read More*बीकानेर की होली एक -दो -साढ़ा तीन !*
*बीकानेर की होली एक -दो -साढ़ा तीन !* (रमक झमक) खट्ट खट्ट खटा आ खट्ट ! होली !! डांडिया !! बीकानेर की होली का एक रंग हे मरुणायक चौक का एक दो ढाई और एक दो साढ़ा तीन ताल रिदम पर डांडिया । भले ही गुजरात का गरबा व् डाँडिया आपने देखा हो लेकिन बीकानेर पर होली के डाँडिया अगर नही देखा तो डाँडिया देखना अधूरा है । डाँडिया लड़ाना बड़ी बात नही लेकिन ढोल की स्वर ताल व् थाप पर डांडियों की आवाज व् रफ्तार बदलना और लड़ाने वाले…
Read Moreबीकानेर अलमस्त शहर में आपको भी चढ़ सकता है,बिना भांग के भी भांग का नशा!!
इस अलमस्त शहर में आपको भी चढ़ सकता है,बिना भांग के भी भांग का नशा!! जी हां बीकानेर शहर में होली के दिनों जब अपने परिचितों के घर या दुकान पर जाये तो आपको पूछा जाएग मिठाई भुजिया नमकीन भांग का या बिना भांग का, अगर आप शौकीन हे भांग के तो बस आपकी मन मनुहार और भाग के गुण गान । अगर आप बिना भाग का भी खा पी लेते है तो भी आपको कुछ ही देर में अहसास करवा दिया जाता है कि आप को भांग का नशा…
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