तपे जेठ, तो बरखा हो भर पेट।। क्या है ‘तपा तप’ और ‘दस तपा’ ? जेठ यानि जेष्ठ माह में जहाँ जहाँ गर्मी पड़ती है वहाँ बरसात भी अधिक होती है, इसलिये जिस शहरों में अभी गर्मी अधिक पड़ रही है उन्हें आगामी दिनों में पानी की किल्लत कम होगी। अभी अखबारों में नो तपा दस तपा हेडिंग आया लेकिन ये क्या होता है कब होता और इसका क्या प्रभाव है वो जानकारी संकलित कर बता रहा है रमक झमक। तपा तप जेष्ठ कृष्णपक्ष दशमी तिथि से लेकर पूर्णिमा तक…
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आधुनिक ज्योतिष के उपायों को छोड़ किसी भी काम के लिए ये करें
पिता, नाना व बहन के सम्मान से खराब ग्रह चाल भी हो जाएगी ठीक आधुनिक युग और पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के चलते लोगों को शार्ट कट की चाहत बढ़ी है। जीवन की भागम भाग में रिश्ते पीछे छूट रहे है और लोग ज्योतिषियों तांत्रिकों से शॉर्टकट उपाय पूछ रहे है। नोकरी, पद, प्रतिष्ठा, शादी व संतान पाने के लिए लोग क्या क्या नहीं कर रहे है। डिप्रेशन से निकलने का रास्ता भी डॉक्टर से लेकर ज्योतिषियों तक को पूछा जा रहा है। कौनसा ग्रह खराब है किस ग्रह की…
Read Moreअक्षय तृतीया नौकरी, शादी व सन्तान के लिये विशेष
अक्षय तृतीया पर नौकरी, शादी व सन्तान के लिये करें उपाय:- अक्षय तृतीया सर्वश्रेष्ठ, अबूझ व शुद्ध मुहूर्त है इस दिन किया कार्य अक्षय फल देने वाला देने वाला होता है। जीवन की आपाधापी और भगाम भाग के इस दौर में हर कोई चाहता है कि वो कम समय मे ऐसा क्या करें जिससे उसकी कामना पूर्ण हो। साल में ऐसे बहुत कम योग बनते है जब कम समय ही कुछ उपाय करने से शीघ्र फल प्राप्त हो सकते है। जिसमें अक्षय तृतीया महत्वपूर्ण दिन है।यह दिन अक्षय फल देने…
Read Moreमां का छठा रूप कात्यायनी की पूजा से दूर होती है विवाह संबंधी अड़चन
मां का छ्ठा रूप है कात्यायनी महिलाओं पर करती है विशेष कृपा अगर आप शादी के लिए अच्छा लड़का ढूढ़ रहे है लेकिन अबतक नहीं मिला या रिश्ते कई आते है किन्तु तय नहीं हो पाता…रिश्ता तय होते होते बीच में ही कोई नई समस्या आ जाती है या आप बहुत बड़ी हो चुकी है, मांगलिक दोष है.. शनि प्रभावित है .. या फिर किसी पडित जी ने कह दिया की आपकी कुंडली में ग्रहस्थ सुख की कमी है.. या आपकी शादी होकर टूट गई आप दुबारा शादी करना चाहते…
Read Moreनए साल में कहा लगाए कैलंडर
💥 विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 💥 अष्टमी तिथि के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38) 💥 ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे,…
Read Moreब्रह्मचर्य रक्षा हेतु मंत्र
ब्रह्मचर्य रक्षा हेतु मंत्र एक कटोरी दूध में निहारते हुए इस मंत्र का इक्कीस बार जप करें | तदपश्चात उस दूध को पी लें, ब्रह्मचर्य रक्षा में सहायता मिलती है | यह मंत्र सदैव मन में धारण करने योग्य है : ॐ नमो भगवते महाबले पराक्रमाय मनोभिलाषितं मनः स्तंभ कुरु कुरु स्वाहा
Read Moreलक्ष्मणजी का सीताजी को बन में छोड़ना
अपने भ्राता रामचंद्रजी का आदेश मानकर लक्ष्मणजी सीताजी के महल में आये और उनसे बोले – देवि आपने श्रीराम से मुनियों के आश्रम देखने की इच्छा प्रकट की थी सो आप इस रथ पर सवार हो जायं। मैं आपको ले चलता हूँ। तब सीताजी रथ पर सवार लक्ष्मणजी के साथ गंगातट पर पहुँचीं और फिर नाव से उसपार पहुंचीं। गंगा पार करने के पश्चात लक्ष्मणजी रोने लगे और माता सीता से हाथ जोड़ कर बोले – माते नगर में आपके विषय में भयंकर अपवाद उत्पन्न हो गया है। आप मेरे…
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