लक्ष्मी प्राप्ति के लिए करें लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ व जाने इसका अर्थ

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लक्ष्मी जी के इस स्तोत्र का प्रतिदिन पाठ हिंदी अर्थ या संस्कृत में करे जिसकी रचना देवराज इन्द्र ने की है- नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्षि्म नमोस्तु ते॥1॥ नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि। सर्वपापहरे देवि महालक्षि्म नमोस्तु ते॥2॥ सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि। सर्वदु:खहरे देवि महालक्षि्म नमोस्तु ते॥3॥ सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्ति मुक्ति प्रदायिनि। मन्त्रपूते सदा देवि महालक्षि्म नमोस्तु ते॥4॥ आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्ति महेश्वरि। योगजे योगसम्भूते महालक्षि्म नमोस्तु ते॥5॥ स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्ति महोदरे। महापापहरे देवि महालक्षि्म नमोस्तु ते॥6॥ पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणि। परमेशि जगन्मातर्महालक्षि्म नमोस्तु ते॥7॥ श्वेताम्बरधरे देवि नानालङ्कारभूषिते। जगत्सि्थते जगन्मातर्महालक्षि्म नमोस्तु ते॥8॥ महालक्ष्म्यष्टकं स्तोत्रं य:…

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जाने धनतेरस की प्रचलित 3 कहानीयाँ

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धनतेरस से जुडी कथा नंबर (1) कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी को धनतेरस कहते है ! यह त्योहार दीपावली आने के पूर्व सूचना देता है ! इस दिन नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है ! धनतेरस के दिन मृत्यु के देवता यमराज और भगवान धनवंतरी की पूजा का महत्व. है ! ़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़ भारतीय. संस्कृति में स्वास्थ्य का स्थान. धन से ऊपर माना जाता रहा हैं ! यह कहावत आज भी प्रचलित. है कि पहला सुख. निरोगी काया, दूजा सुख घर मे माया’ इस लिए दीपावली में सबसे पहले धनतेरस…

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जाने कौन थी तुलसी, इस महीने में पूजने का क्या है महत्व

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तुलसी(पौधा) पूर्व जन्म मे एक लड़की थी जिस का नाम वृंदा था, राक्षस कुल में उसका जन्म हुआ था बचपन से ही भगवान विष्णु की भक्त थी.बड़े ही प्रेम से भगवान की सेवा, पूजा किया करती थी.जब वह बड़ी हुई तो उनका विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हो गया। जलंधर समुद्र से उत्पन्न हुआ था. वृंदा बड़ी ही पतिव्रता स्त्री थी सदा अपने पति की सेवा किया करती थी. एक बार देवताओ और दानवों में युद्ध हुआ जब जलंधर युद्ध पर जाने लगे तो वृंदा ने कहा…

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करवा चौथ विशेष 19 अक्टूबर

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करवा चौथ विशेष 19 अक्टूबर क्योंकि 100 साल बाद आया है ऐसा करवाचौथ सुहागिनें हर साल अपने पति की लंबी उम्र की कामना में करवाचौथ का व्रत रखती हैं. लेकिन इस बार करवाचौथ कुछ खास है. करवाचौथ पर पूरे सौ साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है. ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इस बार करवाचौथ का एक व्रत करने से 100 व्रतों का वरदान मिल सकता है. आइए सबसे पहले आपको बताते हैं कि कौन से योग इस करवाचौथ को दिव्य और चमत्कारी बना रहे हैं…. 100 साल…

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सियाणा धाम के लिए मार्ग का पोस्टर जारी, पैदल जाने वाले मार्ग व उनके बीच की दूरी बताई गई

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सियाणा भैरव पैदल यात्रियों के लिये जाने वाले मार्ग व उनकी दूरी इमेज में बताई गई है । सियाणा मेला 7 सितम्बर को है । मोखड़ा गांव में प्रवेश से पहले बरसात से तीन जगह पूर्णतया मॉर्ग क्षतिग्रस्त है इसलिए यात्रियों को कांटो व मार्ग ना भटके इसके लिए सावधानी बरतनी होगी। कच्चे मार्ग में कई जगह रेडियम लगाये गए है जो मार्ग पहचानने में मदद करेंगे लेकिन गाँव में हो रही लगातार बारिश के कारण नयी पगडंडिया बन जाती है इसलिये इसका ख्याल भी यात्रियों को रखना होगा। रमक…

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