जोधपुर। रमक झमक वेबसाइट , यूट्यूब चैनल , फेसबुक और विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से हम आपको निशुल्क सेवा कार्य करने वाली संस्थाओ की जानकारी उपलब्ध करवाते रहते है। आज हम आपको जोधपुर की कैलाश की करुणा संस्था के बारे में बता रहे है जो पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से जरुरतमंदो को निशुल्क चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाने का कार्य कर रही है। इस संस्था का संचालन श्री राजू व्यास और उनकी पत्नी श्रीमती चंद्रा जी करते है। कैलाश की करुणा संस्था के श्री राजू व्यास राजस्थान सरकार में अध्यापक पद पर व उनकी पत्नी सरकारी अस्पताल में ग्रेड फर्स्ट नर्स पद पर कार्यरत है। इस संस्था का संचालन दोनों पति-पत्नी अपनी निजी आय से करते है व किसी से भी चंदा नहीं लेते है।
कोरोना काल में की लोगों की मदद
कैलाश की करुणा संस्था पिछले एक दशक से भी अधिक समय से इस सेवा कार्य में लगी है। कोरोना काल के दौरान भी इस संस्था ने आगे आकर कोरोना संक्रमितों की मदद की। संस्था के राजू जी व्यास के नेतृत्व में जोधपुर शहर में 48 घंटो के भीतर कोविड सेण्टर बनाया गया और यहाँ सेकड़ो लोगो का निशुल्क इलाज़ हुआ। कोरोना के शुरुआती दिनों में भय के माहौल के बीच राजू जी व्यास ने स्वयं एम्बुलेंस को चलाया और कोरोना संक्रमितों को सेण्टर तक लेकर आये। श्रीमती चंद्रा जी ने अस्पताल और कोविड सेण्टर में अपने अनुभवों के जरिये लोगों का इलाज करने में मदद की। श्री राजू व्यास और उनकी पत्नी चंद्रा जी को उनके निःस्वार्थ सेवा कार्यो के चलते पूरे जोधपुर शहर में जाना जाता है।

जरूरतमंदों के लिए करीब 750 मेडिकल मशीनें निशुल्क उपलब्ध
कई बार बीमारी के दौरान या बुजुर्गो के लिए ऐसे मेडिकल उपकरणों की आवश्यकता होती है जिसकी जरुरत महीनो तक पड़ जाती है। ऐसे में हज़ारो लाखो रूपये हर परिवार के लिए वहन कर पाना संभव नहीं होता है। कैलाश की करुणा संस्था मेडिकल बेड , वाटर बेड , सक्शन मशीन , व्हील चेयर, नेमुलिज़शन मशीन आदि जैसे सेकड़ो मेडिकल उपकरण जरुरतमंदो को जोधपुर में बिल्कुल फ्री में उपलब्ध करवाती है। इसके अलावा संस्था निशुल्क एम्बुलेंस सुविधा , शव परिवहन , फोगिंग मशीन व अनेक माध्यम से जरुरतमंदो को मदद पहुंचाने का कार्य करते है। आर्थिक रूप असक्षम परिवारों को अंतिम संस्कार संबंधी क्रिया के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाती है। इसके अलावा ये संस्था पर्यावरण संबंधी कार्य भी करती है सार्वजानिक स्थानों पर पेड़ पौधे लगाने के लिए जमीन खोदे जाने की मशीन की सुविधा में संस्था के पास उपलब्ध है।
धर्म के प्रति गहरी आस्था
कैलाश मानसरोवर की तीन वार यात्रा कर चुके दोनों पति पत्नी के भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था है इसी कारण संस्था का नाम भी कैलाश की करुणा है। अपनी निजी आय से बिना किसी का आर्थिक सहयोग लिए ऐसा सेवा कार्य करना और सेवा कार्य में मन बनाये रखने को अपने गुरु श्री पुलकित जी महाराज का आशीर्वाद मानते है।
आप विस्तृत रूप में इस सेवा कार्य के बारे में जानने के लिए नीचे दिए गए वीडियो को देख सकते है। किसी भी जरुरत मंद को आवश्यकता हो तो उसके लिए वीडियो में नंबर भी उपलब्ध करवाए गए है जिसके माध्यम से संपर्क किया जा सकता है। आपको बता दे की ये संस्था जोधपुर में कार्यरत है और ये सभी सेवाएं जोधपुर में उपलब्ध हो सकेगी। आप भी इस आर्टिकल को शेयर कर अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचा कर लोगों की मदद कर सकते है।
– राधेकृष्ण ओझा