गोबर की माला (भरभोलिए) से करें माला घाेलाई की रस्म

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होली वाले दिन भाई के माला घोलाई की परम्परा है। आजकल होली के दिन माला घोलाई रस्म भाई को पुष्प माला पहनाकर की जा रही है, जो गलत है। इन्ही पुष्प माला को होली में डाला जा रहा है जो पूर्णतया निषेद्ध है । तो आइये जानते क्या करना चाहिये जिससे भाई की रक्षा दैहिक रक्षा हो और पर्यावरण शुद्ध हो तथा स्वयं बहन के लिये भी मंगल हो । क्या होते है भरभोलिये:- (रमक झमक) देशी गाय के गोबर को हाथ से जमीन पर रखकर थेपडीनुमा गोल लगभग 3…

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वास्तव में क्या और कैसे होती है डोलची

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ये है वास्तविक ‘डोलची’ -यह चमड़े की बनी होती है। -डोलची ऊंट की खाल से बनी होती है। -इसके पीछे लकड़ी का हत्था इसे पकड़ने के लिये होता है। -इसमें करीब 800 से 900 ml पानी भरा जाता है। -इसका आगे का मुंह तिकोना टाइप होता है। -यह दो प्रकार की होती है,लेफ्ट हेंडर के लिये अलग व राइट हेंडर के लिये अलग। -इसकी लम्बाई 9 इंच होती है। -इसका मुच् करीब साढ़े तीन से चार इंच तक बनावट के अनुरूप होता है। -इसमें पानी भर कर एक दूसरे की…

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हवेलियों, पाटों, चौक व गुवाड़ वाला शहर बीकानेर

Bikaner junagarh fort
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जन्मदिन अक्षय तृतीया पर विशेष बीकानेर शहर में लाल पत्थरों की हवेलियां और उनकी नक्काशी, ऊँठ की खाल पर उस्ता कला, काष्ठ पर मथेरण कला,शहर के दरवाजे,गेट,बारियां, गुवाड़, घाटी,चौक और चौक में रखे हुवे बड़े -बड़े पाटे इस शहर को खाश बनाते है। खाशकर शहर परकोटे की खाश जानकारी लगभग हर चौक की जो मौखिक सूत्रों से संजय श्रीमाली ने लिखी है। आप भी जानकर पढ़कर आनंदित होंगे। (रमक झमक) इतिहास व सस्कृति से समृद्ध शहर बीकानेर शहर ऐतिहासिक एवं सांस्कृति दृष्टि से बहुत समृद्ध रहा है। शहर की बनावट,…

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*रमक झमक द्वारा रम्मतों व् डोलची कलाकारों का अभिनन्दन*

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*रमक झमक द्वारा रम्मतों व् डोलची कलाकारों का अभिनन्दन* बीकानेर होली पर सास्कृतिक परम्परा व् मूल सस्कृति के संवाहक संगठन व् व्यक्तियों को रमक झमक संस्था सम्मानित कर रही है । रमक झमक के राधे ओझा ने बताया कि रमक झमक द्वारा आज कीकाणी व्यासों के चौक एवं बारह गुवाड चौक में मंचित स्वाग मेहरी रम्मत के कलाकारों को डॉ बी डी कल्ला, जनार्दन कल्ला,रतना महाराज, पुजारी बाबा, शेर महाराज ,मदन छंगाणी व् रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा’भैरु’ ने मालाए व् दुपट्टा पहनाए तथा रम्मत के सबसे वरिष्ठ कलाकार…

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*बीकानेर शहर की ‘रम्मत’ का रमक-झमक करेगा सम्मान*

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*बीकानेर शहर की ‘रम्मत’ का रमक-झमक करेगा सम्मान* होली के दिनों में शहर के विभिन्न चौक व् मोहल्लों में होनी वाली रम्मतों व् उसके कलाकारों का रमक झमक सम्मान करेगा । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ ने बताया आधुनिक व् टीवी युग में ‘रम्मत’ अत्यंत कठिन दौर से गुजर रही है इस कला परम्परा व् संस्कृति को संरक्षण की आवश्यकता महसूस हो रही है ।पुष्करणा सावा संस्कृति को रमक झमक ने देश ही नही विदेशो में पहचान दिलाई हे और लोगो के आग्रह पर बीकानेर शहर की होली…

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होली ख्याल-चौमासा – होठ गुलाबी म्हारा खिल रया गाल

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बीकानेर में होली पर मुख्य चौक में रम्मतों का दौर चालू है । ये रम्मतें किसी मंच स्टेज पर न होकर बालू मिटटी बिछाकर या फिर पाटों पर होती है और काफी लोग दूर दूर से यहाँ रम्मतें देखने के लिए आते है । यहाँ स्वांग मेहरी, हदाऊ-मेहरी, अमरसिंह राठौड़, शहजादी राममते होती है । रम्मतों में सबसे पहले भगवान गणपति या माता आशापुरा अखाड़े में आती है और लोग भाव व् श्रधा से प्रसाद आदि चढाते है. राम्म्तो में चौमासा व ख्याल गाया जाता है जो रम्मत के कलाकार…

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कम्प्युटर और मोबाइल पर लाईव दिखेंगी बारातें, पुष्करणा युवा शक्ति मंच रमक झमक ने की अनूठी पहल

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पुष्करणा ब्राह्मण समाज के ऑलपिक सावे के दौरान ३१ जनवरी को बारह गुवाड से होकर गुजरने वाली बारातों को कम्प्युटर और एन्ड्रोयड मोबाईल पर ऑनलाइन देखा जा सकेगा । यह सब संभव हो पायेगा पुष्करणा युवा शक्ति मंच द्वारा तैयार की गई वेबसाइट रमक झमक डॉट कोम के माध्यम से । वेबसाईट के संचालक राधेकृष्ण ओझा ने बताया की इस वेबसाइट के  माध्यम से विवाह के विविध पौराणिक महत्वों, उनकी आवश्यकताओं और आज के दौर में उनकी  प्रासंगिकता  के बारे में बताया गया हैं ।  राधेकृष्ण ओझा ने बताया की…

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