*बीकानेर शहर की ‘रम्मत’ का रमक-झमक करेगा सम्मान*

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*बीकानेर शहर की ‘रम्मत’ का रमक-झमक करेगा सम्मान* होली के दिनों में शहर के विभिन्न चौक व् मोहल्लों में होनी वाली रम्मतों व् उसके कलाकारों का रमक झमक सम्मान करेगा । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ ने बताया आधुनिक व् टीवी युग में ‘रम्मत’ अत्यंत कठिन दौर से गुजर रही है इस कला परम्परा व् संस्कृति को संरक्षण की आवश्यकता महसूस हो रही है ।पुष्करणा सावा संस्कृति को रमक झमक ने देश ही नही विदेशो में पहचान दिलाई हे और लोगो के आग्रह पर बीकानेर शहर की होली…

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राख भस्मी से भरे जाते हे गोदाम और करवाया जाता है भस्मी स्नान !

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राख भस्मी से भरे जाते हे गोदाम और करवाया जाता है भस्मी स्नान ! नगर के भीतरी इलाको मे होली मनाने के खेलने के अजीबो गरीब तरिके हे ,शहर के लोग हर चीज में आनंद व् मस्ती ढूढ ही लेते है । इसके पीछे कई मान्यताएं व् तर्क भी है । होली की रात को बहार बैठ कर सब लोग होली के अंगारों पर पापड़ सेकते हे और खाते है तथा सबको बाटते व् खिलाते है इसके लिये प्रहलाद ओझा ‘भैरु’कहते हे कि होलिका में अनेक शक्तियां थी और वो…

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*बीकानेर की होली एक -दो -साढ़ा तीन !*

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*बीकानेर की होली एक -दो -साढ़ा तीन !* (रमक झमक) खट्ट खट्ट खटा आ खट्ट ! होली !! डांडिया !! बीकानेर की होली का एक रंग हे मरुणायक चौक का एक दो ढाई और एक दो साढ़ा तीन ताल रिदम पर डांडिया । भले ही गुजरात का गरबा व् डाँडिया आपने देखा हो लेकिन बीकानेर पर होली के डाँडिया अगर नही देखा तो डाँडिया देखना अधूरा है । डाँडिया लड़ाना बड़ी बात नही लेकिन ढोल की स्वर ताल व् थाप पर डांडियों की आवाज व् रफ्तार बदलना और लड़ाने वाले…

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बीकानेर अलमस्त शहर में आपको भी चढ़ सकता है,बिना भांग के भी भांग का नशा!!

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इस अलमस्त शहर में आपको भी चढ़ सकता है,बिना भांग के भी भांग का नशा!! जी हां बीकानेर शहर में होली के दिनों जब अपने परिचितों के घर या दुकान पर जाये तो आपको पूछा जाएग मिठाई भुजिया नमकीन भांग का या बिना भांग का, अगर आप शौकीन हे भांग के तो बस आपकी मन मनुहार और भाग के गुण गान । अगर आप बिना भाग का भी खा पी लेते है तो भी आपको कुछ ही देर में अहसास करवा दिया जाता है कि आप को भांग का नशा…

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पुष्करणा सावा ओलंपिक के बाद अब विश्व पटल पर होगी बीकानेर की होली

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पुष्करणा सावा ओलंपिक के बाद अब विश्व पटल पर होगी बीकानेर की होली बीकानेर । पुष्करणा सावा ओलम्पिक के बाद हमारी संस्कृति व् सास्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिये रमक झमक ने प्रयास शुरू किया है । बीकानेर शहर की होली अनूठी, रंगीली, अद्धभुत, रोमांच करने वाली, हास्य मनोरंजन से भरपूर है । रम्मत, गेर, धमाल, मलन्दा, तणी, इलोजी, स्वाग, फगनिया फुटबाल व् 11:56 कार्यक्रम, भस्मी होली ,फ़ाग गीत,होलियाना अंदाज में गीत, डोलची पानी मार खेल, सप्तरँगी फोल्ची जैसे अनूठे आयोजन जिसने एक बार देखा वो कभी नही भूलता ।अब…

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