रमक-झमक के ‘सावा-2017’ फोल्डर का विमोचन, कुरीतियों को कम करने के लिए विवाह वाले घरों मे दिया जाएगा फ़ोल्डर

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वरिष्ठ साहित्यकार शिवराज छंगाणी ने कहा कि पुष्करणा समाज का ‘ओलम्पिक सावा’ पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। यह संस्कृति और परम्पराओं को जीवंत रखने में सहायक है। आज भी देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोग बीकानेर की इस पुरातन परम्परा को देखने आते हैं। रमक-झमक द्वारा सावे की परम्परा संरक्षण के लिए किया जा रहा कार्य अनुकरणीय है।

छंगाणी बुधवार को रमक-झमक संस्था द्वारा बारहगुवाड़ स्थित कार्यालय में रमक-झमक पुष्करणा सावा-2017 के फोल्डर के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देखादेखी की हौड़ में परम्पराओं का बदला हुआ स्वरूप, बेहद नुकसानदायक है। हमें परम्पराओं को मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित करने की पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि रमक-झमक द्वारा पिछले आठ-दस ओलम्पिक सावों के दौरान किए गए सेवा कार्य की बदौलत परम्पराओं के संरक्षण हुआ है। उन्होंने युवा पीढ़ी को परम्पराओं के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी हरि शंकर आचार्य ने कहा कि रमक-झमक ने संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि परम्पराओं का बिगड़ना समाज के लिए बेहद नुकसानदायक है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव राजकुमार किराड़ू ने कहा कि परम्पराओं को मूल स्वरूप में लागू करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को खुद से ही शुरूआत करनी होगी। उन्होंने कहा कि रमक-झमक द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश और दुनिया में ओलम्पिक सावे का लाइव प्रसारण किया जाता है, जिससे बीकानेर की संस्कृति से दुनिया के लोग वाकिफ हो पाते हैं।
रमक-झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैंरू’ ने बताया कि फोल्डर के माध्यम से संस्थान द्वारा परम्पराओं, रीति-रिवाजों को मूल स्वरूप में लागू करने का आग्रह किया गया है तथा संस्थान द्वारा अब तक दी गई सुविधाओं एवं सेवाओं के बारे में बताया गया है। वहीं विवाह सामग्री को भी संकलित रूप में फोल्डर के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा ओलम्पिक सावे सहित विभिन्न सावों में विष्णु वेश में जाने वाले दूल्हों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सावे की तिथि दो वर्ष पूर्व ही घोषित कर दी जाए, जिससे वर एवं वधू पक्ष को तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
सर्वेक्षण प्रभारी तथा पूर्व पार्षद दुर्गादास छंगाणी ने बताया कि संस्था के छह लोगों की टीम घर-घर सर्वे करेगी। इसके लिए दो दल बनाए गए हैं। पार्षद गिरिराज जोशी, दूली चंद सेवग तथा नरेश जोशी ने नगर निगम द्वारा सावे के दौरान विभिन्न व्यवस्थाए चाक-चौबंद करवाने का भरोसा दिलाया। मोटूलाल हर्ष ने कहा कि संस्था द्वारा प्रकाशित फोल्डर आमजन के लिए बेहद लाभदायक रहेगा। गायक आर. के. सूरदासाणी, रतना महाराज,फोटोग्राफर बी दास व विकाश किराड़ू, कैलाश ओझा, अमित जोशी, बी.डी. पुरोहित, अभय चंद्र व्यास सहित समाज के अनेक लोगों ने विचार व्यक्त किए। रमक-झमक के राधे ओझा ने आगंतुकों का आभार जताया।

फोटोग्राफर – बी दास व विकाश किराड़ू

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