चित्रकारों ने सावे को उकेरा कैनवास पर, रोचक चित्रों द्वारा दिया आदर्शों को अपनाने का संदेश

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चित्रकारों ने सावे को उकेरा कैनवास पर
रोचक चित्रों द्वारा दिया आदर्शों को अपनाने का संदेश
बीकानेर। रमक झमक संस्थान की ओर से पुष्करणा ओलंपिक सावा 2019 की गतिविधियों में एक और नवाचार करते हुए सोमवार को बारह गुवाड़ चौक स्थित संस्थान​ कार्यालय में विवाह के​ आदर्शों का संदेश देने वाले बैनर का लोकार्पण समाज के गणमान्य जनों द्वारा किया गया। इस बैनर में विवाह समारोह में धन के अपव्यय को रोकने, बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने , स्वच्छता का ध्यान रखने और मूल रीति रिवाज को यथारूप में निभाने का संदेश काव्यात्मक पंक्तियों और रोचक चित्रों के द्वारा दिया गया है। रमक झमक संस्थान के प्रहलाद ओझा भैरूं की परिकल्पना को चित्रकार धर्मा ने बैनर पर आकर्षक रूप में उकेरा  है । उनके साथ ही कवि संजय आचार्य वरुण की  काव्य पंक्तियां सरल शब्दों में उपरोक्त आदर्शों को अपनाने का संदेश देती हैं। बैनर का लोकार्पण करते हुए उप शासन सचिव महेश व्यास ने कहा कि रमक झमक का यह नवाचार बेहद प्रभावी होने के साथ ही अत्यंत रुचिकर भी है । उन्होंने कहा कि समाज के लोग सामूहिक सावे में इन आदर्शों को अपनाते हुए विवाह संपन्न करें। बीकानेर की आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक पुजारी बाबा ने कहा कि यह ओलंपिक  सावा आदर्शों के साथ सादगी पूर्वक विवाह संपन्न कराने के लिए ही आरंभ किया गया था, रमक झमक उन सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रयास करते हुए उत्कृष्ट कार्य कर रही है। उद्योगपति एवं समाजसेवी राजेश चूरा ने कहा कि कैनवास पर उकेरे गए चित्र मन मस्तिष्क पर गहरा असर डालते हैं । रमक झमक का यह प्रयास अपने आप में सार्थक है । नया शहर थाने के सीआई ईश्वर सिंह ने रमक झमक संस्थान के प्रयासों की सराहना की । समाजसेवी  रतना महाराज ने कहा कि सावा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, इसके मूल स्वरूप को संरक्षित रखना हमारा दायित्व है। इस अवसर पर पार्षद नरेश जोशी, सुशील किराडू, अविनाश आचार्य, बीआर पुरोहित राधे ओझा, चित्रकार धर्मा, चित्रकार कैलाश और समाज के अनेक विशिष्ट जन उपस्थित  थे । लोकार्पित  बैनर में वैदिक रीति को अपनाने और दिखावे का त्याग करने का संदेश दिया गया है। गौरतलब है कि इस बैनर को मुख्य सावे के दिन सार्वजनिक स्थान पर लगाया जाएगा।
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