पाग साफ़ा प्रशिक्षण, 4 प्रकार की पाग सिखाई

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पाग साफ़ा प्रशिक्षण
4 प्रकार की पाग सिखाई
पाग व साफ़ा सम्मान का प्रतीक

बीकानेर । बारह गुवाड़ चौक स्थित रमक झमक कार्यालय के बाहर साफा व पाग बांध कर सिखाने का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ । रमक झमक के राधे ओझा ने बताया कि साफा स्पेशलिस्ट गणेश व्यास, बृजेश्वर लाल व्यास ,झवर लाल व्यास, दिलीप रंगा,लोकेश व्यास व पवन व्यास की टीम ने चार प्रकार के पाग व साफा बांधना सिखाया । इस अवसर पर गणेश व्यास ने उपस्थित लोगों को खिड़किया पाग के बारे में व उसके स्वरूप के बारे में बताया व समझाया । उन्होंने कहा कि खिड़किया पाग भगवान विष्णु रूप का परिधान है, इस बात पर दो त्रिभुज -पैरामिड आकृति होती है । पहला बड़ा व दूसरा छोटा होता है ।उन्होंने कहा कि यह एक पेचा में बन सकती है जो 20 मीटर का होता है ।इस अवसर पर बृजेश्वर लाल व्यास ने कहा कि गोल पाग तीन प्रकार की होती है बिल्कुल गोल पट्टी की, घुमावदार व बटदार तथा इसके ऊपर सुरंगा होता है,जो आम तौर से खोला भराई की रस्म में पहनते है । दिलीप रंगा ने दरबारी बीकानेरी साफ़ा के बारे में समझाया ।वहीं पवन व्यासने कहा कि बीकानेर में जोधपुरी साफा भी खूब चलता है जो प्रिंस कोर्ट पर पहनते हैं यह पचरंगी होता है , लहरिये का होता है या फिर रंग बिरंगा होता है । इस अवसर पर रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा भैरू ने बताया प्रहलाद ओझा ‘भैरू’ ने कहा कि सावा की रौनक और रमक झमक पाग साफा व पगड़ी से ही होती है । पाग हमारे सम्मान का प्रतीक है उन्होंने इस अवसर पर बीकानेर के प्रसिद्ध स्व.गीतकार भरत व्यास को याद करते हुए पाग व साफा पर बने उनके गीत को सुनाया ‘केसरिया पगड़ी बनी रहे,सम्मान बना रहे’ इस पगड़ी का सम्मान रहे ।इस अवसर पर साक्षी अतिथि के रूप में श्री… ने कहा कि पुष्करणा सावा पर बहुत सी शादियां एक साथ होगी और हजारों लोग साफा व पाग बंधवाना चाहते हैं ऐसे में रमक झमक का साफा पाग का यह प्रशिक्षण बड़ा ही लाभदायक रहेगा ।उन्होंने प्रशिक्षकों से आग्रह किया कि आगे भी अपनी सेवाएं देने का प्रयास करें कार्यक्रम में केशव प्रसाद बिस्सा,गोपाल भादाणी,शिव छंगाणी वअंजनी कुमार आदि ने भी विचार रखें ।

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