पतंगों के माध्यम से पुष्करणा सावा सन्देश

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पतंगों के माध्यम से पुष्करणा सावा सन्देश
बीकानेर। मकर सक्रांति के साथ ही मल मास समाप्त हो गया। पुष्करणा सावा के मांगलिक गीतों के कार्यक्रम अब शुरू होंगे। सावा के वातावरण निर्माण व कुरीतियों को दूर करने व सावा संस्कृति को बचाने के लिए पतंगों पर स्लोगन सन्देश लिख कर पतंग उड़ाकर छोड़े गए। रमक झमक की ओर से करीब 200 पतंगों पर ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ , ‘बहु ने बेटी मानो सा लाडी ने लाड लडाओ सा’ , कुरीतियों ने घटाओ सा परम्पराओं ने निभाओ सा’ , व ‘एक बात रो राखो ध्यान बेटा बेटी एक सामान’, जैसे अनेक सन्देश लिखकर पतंग बांटे व उड़ाकर छोड़े। नयाशहर थानाधिकारी महेंद्रदत्त शर्मा, पुजारी बाबा, डॉ प्रीति गुप्ता, रतनलाल महाराज, डॉ सुधा आचार्य, पार्षद गिरिराज जोशी, आइया महाराज, डॉ जगदीश नारायण, दिलीप रंगा, करण ग्रुप के केप्सा पुष्करणा, अमित जोशी, भाई राजेश ओझा, मुकेश छंगाणी, रवि कलवाणी, देवेंद्र बिस्सा, नितेश पुरोहित, शिवदत्त ओझा सहित अनेक लोग शामिल हुवे। रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरुँ’ ने कहा कि यह पतंग युवाओं द्वारा पुष्करणा समाज के बाहुल्य छेत्र में उड़ाकर छोड़े जायेंगे।
एस एच ओ महेंद्रदत शर्मा ने कहा कि पुष्करणा समाज के लोग शांतिप्रिय है शहर में सावे के दौरान अच्छी व्यवस्था की जायेगी। पुजारी बाबा ने कहा कि पतंगों पर लिखे सावा सन्देश आसमान से घरो की छतों व आँगन तक पहुचेंगे। उन्होंने कहा कि रमक झमक का संदेश आसानी से घरो तक पहुच पायेगा। इस अवसर पर एस एच ओ नयाशहर थाना महेन्द्र दत शर्मा का स्वागत पुजारी बाबा द्वारा किया गया। आभार राधे ओझा ने स्वीकार किया।
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