अटके और बिगड़े काम बनाए हनुमान जी को इस तरह मनाए

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हनुमानजी को क्या चढ़ाए
जिससे रुके काम बने।

अगर आपकी कुंडली मे मंगल या शनि अशुभ फल देने वाले है या उनकी दशा चल रही है जो अच्छी नहीं है,मंगल के कारण या भाइयो से अनबन है,कर्ज अधिक हो गया है या मंगल या शनि से मांगलिक दोष कुंडली मे बताया गया है,शनि या मंगल के कारण काम मे रुकावट आ रही है,आप मांगलिक है और विवाह में बाधा आ रही है या विवाह बाद भी मांगलिक की वजह से घर मे किच किच रहती है,झगड़ा होता है । बार-बार चोट दुर्घटना होती है । किसी के ऊपर प्रेत बाधा है । शरीर मे एनर्जी की कम आ रही है ।मकान जमीन को लेकर परेशानी है,जमीन का मामला कोर्ट में चल रहा है ।ऐसा किसी भी ज्योतिषी या पण्डित ने कहा हो कि मंगल या शनि के कारण या शनि की साढ़े साती या ढैया के कारण प्रॉब्लम है,तो चिंता न करें। रमक झमक बता रहा है कि इस हनुमान जयंती को खाश क्या करें उपाय जिससे हो समस्या का तुरंत समाधान।
हनुमान बाबा एक मात्र देव है जिनको मनाने से शनि व मंगल दोनो प्रसन्न हो सकते है।
(1) जमीन,मकान,प्लाट व मुकुदमा सम्बन्धी समस्या निदान के लिये ये करें:
तुलसी पर राम लिख के कम से कम 21 पत्तो की माला पहनाए,लेकिन माला ह्रदय तक ही रहे नीचे न आए तथा गिरे नही। पंधारी लडू या चूरमा चढाए। तिली तेल का दीपक करें।
ये चौपाई 108 बार तथा हनुमान चालीसा 7 बार जन्मोत्सव से शुरू कर 108 दिन लगातार या कम से कम 21 दिन अवश्य करें ।
पवन तनय बल पवन समाना,
बुद्धि विवेक विग्यान निधाना ।
कोवनसो काम कठिन जग माही,
जो नहीं होई तात तुम्ह पाई ।।

(2) शनि साढ़े साती,ढैया या कुंडली मे शनि जनित समस्या हो, घुटनो सम्बन्धी परेशानी हो तो ये करें:-
तेल सिंदूर लगाकर चोला चढाए,शाम को दीप माला करें,इमरती व लडडू चढाए ।
श्रीराम की 1 माला जाप करें,1 माल हनुमते नमः व 1 माला
संकट कटे मिटे सब पीरा,
जो सुमिरै हनुमतबल बीरा ।

चौपाई का जाप करें ।

(3) व्याधि-रोग होने पर उसके नाश के लिये निरन्तर हनुमानजी के समक्ष ये चौपाई बोले प्रार्थना करें। पास में रखा जल बाद में रोगी को पिलाए । दवाई भी ये चौपाई बोलकर लेवे। गायों को गुड़ रोटी देवे।

नाशे रोग हरे सब पीरा ।
जपत निरन्तर हनुमत वीरा ।।

(4) आकस्मिक घटनाक्रम या दुर्घटनाओं की रोक के लिये ये चौपाई बोलकर फिर घर के सभी लोग मिलकर 108 हनुमान चालीसा पढ़े। रोजाना हनुमानजी को माला प्रशाद चढाए। हनुमानजी को पान चढाए।

दैहिक दैविक भौतिक तापा
राम राज नहीं काहुहि ब्यापा ।

पाठ/माला पूर्ण होने पर बड़ो को प्रणाम व गौ सेवा करें । कार्य सिद्ध होने पर हनुमानजी का विशेष पूजन श्रंगार कर प्रशाद चढाए तथा गायों को गुड़/हरा चारा जरूर डाले ।प्रहलाद ओझा ‘भैरु’

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