सांस्कृतिक

मनसापूर्ण गवरजा कोलकाता कार्यकरणी

मनसापूर्ण गवरजा कोलकाता कार्यकरणी

कन्याओं के लिए वरदान है माँ का छठा रूप कात्यायनी- जानिये क्यों और कैसे

अगर आप शादी के लिए अच्छा लड़का ढूढ़ रहे है लेकिन अबतक नहीं मिला या रिश्ते कई आते है किन्तु तय नहीं हो पाता…रिश्ता तय होते होते बीच में ही कोई नई समस्या आ जाती है या आप बहुत बड़ी हो चुकी है, मांगलिक दोष है.. शनि प्रभावित है .. या फिर किसी पडित जी ने कह दिया की आपकी कुंडली में ग्रहस्थ सुख की कमी है.. या आपकी शादी होकर टूट गई आप दुबारा शादी करना चाहते है और ये चिंता है की दुबारा ऐसा न हो जाये ? अगर आप बहुत से उपाय खुद कर चुके है या फिर आपके माता-पिता करवा चुके फिर भी कोई फायदा नहीं हुवा, किसी ने कहा व्रत करो, किसी ने कहा दान करो, किसी ने कहा पाठ करो, किसी ने कहा अनुष्ठान कराओ, किसी ने कहा ये रत्न पहनो, किसी ने कहा ये जन्तर पहनो, किसी ने कहा ये करो किसी ने कहा वो करो और आप सब कुछ करके थक चुके है । ऐसा भी हो की आपने अबतक इन चक्करों में काफी पैसा धन देकर अपने आप को ठगा चुके है और अब आपका विश्वाश भी ख़त्म होता जा रहा है तो अब करे ये उपाय और रखे विश्वास । इस बार आपकी इच्छा होगी पूरी, न केवल जल्दी होगी शादी,मिलेगा अच्छा जीवन साथी भी ।

माता कात्यायनी की पूजा करे

नवरात्रा के प्रथम दिन से शादी के योग्य लड़कियां ये स्वयं करे या माता पिता अपनी बेटी से ये करावे । नहा धोकर शुद्ध होकर नए कपडे पहने जो अपनी कुंडली के सप्तम हॉउस यानि पति घर के मालिक ग्रह के अनुसार रंग वाला हो साथ में पिला कपडा जरुर हो सिर पे चुनरी होना जरुरी है । तत्पश्चात सामान्य पूजा की तयारी करे और माता कात्यायनी की पूजा करे जिसमे गुलाब फुल,केशर,गुलाब जल,गुलकंद, मिश्री, चुनरी, सुहाग की यथा सामर्थ्य सामग्री, धुप, दीप, श्रीफल जरुर हो । ये सामग्री लेकर माता का सर्वप्रथम ध्यान कर फिर पूजन करे ।

चन्द्रहासोज्जवलकरा शाईलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।
या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

खासकर ये मन्त्र नवरात्रा में कम से कम १०८ बार प्रतिदिन करे —(श्रीमदभागवत पुराण में आया है की कृष्ण जैसा जिसको पति चाहिए वो ये करे ) और श्री कृष्ण प्यार और प्रेम के प्रतीक और १६ कलावो से परिपूर्ण है ।

ॐ कात्यायनी महामाये महा योगिन्य धिश्वरी
नन्द गोपसुतं देवी पतीमें कुरुते नम:

आप इस बार किसी चक्कर में न पड़कर ये विश्वाश के साथ करे और हा इसके साथ स्वयं केशर का तिलक भी प्रति दिन जरुर लगाये, हो सकता है माता की कृपा इस बार आप पे हो जाये और हा पूजा के बाद भैरू बाबा के लड्डू जरुर चढ़ाये ।

प्रहलाद ओझा भैरू (9460502573)

katyayani-1444805399

हिन्दू धर्म यात्रा मे उमड़ी लाखों की भीड़

धर्म यात्रा का रमक झमक द्वारा अभिनन्दन !!
हिन्दू धर्म यात्रा मे उमड़ी भीड़ का अंदाज़ा एक लाख से भी ज्यादा का लगाया जा रहा है। जगह जगह सेवा शिविर व देश भक्ति के गीतों पर झूमते भगवा कपड़े पहने युवा यह रोमांच दिन भर रेली मे बना रहा।
मंगलवार नववर्ष हिन्दू धर्म यात्रा का रमक झमक कार्यालय बारह गुवाड़ चौक,बीकानेर के आगे से गुजरने पर शीतल जल तथा सुगन्धित गुलाब जल का छिड़काव व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया । उल्लेखनीय है कि रमक झमक हर धार्मिक व आध्यत्मिक के साथ -साथ सामाजिक यात्रा रैली का रमक झमक हमेशा स्वागत करता है व जल सेवा करता है । तुम्बडी वाले छोटूलाल जी ओझा द्वारा बारह गुवाड में शुरू की गई परम्परा हर बार निभाई जाती है।
img-20170329-wa0048
img-20170329-wa0047

img-20170329-wa0042
img-20170329-wa0038

img-20170329-wa0034

बीकानेर व कोलकाता मे पुरुष भी गाते है ‘गवर-ईशर’ के गीत

बीकानेर व कोलकाता मे पुरुष भी गाते है ‘गवर-ईशर’ के गीत
 बीकानेर । घर मे औरते और चौक में पुजारी बाबा की मण्डली द्वारा गाये जा रहे है गवर ईशर के गीत
बीकानेर । छारोड़ी के दिन से घर घर गवर के गीत शुरू हुवे जो निरन्तर परवान पर हे ,सुबह कन्याए पूजा ‘खोल किवाड़ी’ से शुरू करती है और ‘गवर पूज घर जायसो म्हे’ से गीत से पूजा समपत्र करती है वही दातनिया दोपहर को देते समय बासा के गीत गाये जा रहे हे ।इधर रात्रि को शहर में हर दिन एक नये चौक मोहल्ले में पूजारीबाबा के नेतृत्व में टीम  के साथ विजय ओझा,अलू ओझा,मीनु ओझा,भैरु छंगाणी,चुन्ना, व् चोरसा आदि गीत गा रहे हे ।ये पुरुष गीत मण्डली काफी लोकप्रिय है बीकानेर ।कोलकत्ता में मनसा गवरजा  में भी पुरुष गीत मण्डली प्रशिद्ध है वर्तमान मण्डली के अध्यक्ष के साथ पूरी कार्यकरणी के सदस्त गीतों की रिहर्सल करवा रहे और नए गीत भी तैयार हुवे हे स्मरण रहे मनसा गवरजा माता में हर बार नये गीत भी तैयार होते है जिनकी डिमांड सुनने व् किताब में पढ़ने के लोग बेसब्री से इन्तजार करते हे । कोलकत्ता में मनसा गवर मेला 29 मार्च को शुरू होगा । काफी लोग हर उत्सव में बीकानेर आते है लेकिन गणगौर का मेला व् गीत सुनने के लिए लोग  बीकानेर से कोलकत्ता बड़ा बाजार पहुचने की हर संभव कोशस करते है । रमक झमक ऐसे हर सास्कृतिक व् संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम को आप हजारों शुभ चिंतको तक पहुचाने का प्रयास करता है । पुष्करणा सावा को समाज के अलावा बीकानेर से किसी भी रूप मे जो जुड़े रहे है और देश-विदेश कही भी है उनतक जानकारी रमक झमक से पहुची और शानदार रिसपॉन्स मिला  अब इस बार शुरुवात की हे होली व् गणगौर की ।शायद अगली बार आप सबकी शुभकामना से रमक झमक इसमें भी सफलता प्राप्त करने के लिये प्रथम कदम रख देगा । रमक झमक से आप जुड़िये ,पढिये, लोगों को सूचित कीजिये,लिंक शेयर कीजिये । नई जानकारी व् सुझाव हमें बताइये क्योंकि रमक झमक आपकी वजह से ही हजारो लोगों तक पहुँच रहा है ।
gangaur

नेरशा चंग मण्डली के गणगौर उत्सव में ‘रमक झमक’

नेरशा चंग मण्डली के गणगौर उत्सव में ‘रमक झमक’

बीकानेर । जस्सूसर गेट के बाहर माहेश्वरी सदन में नेरशा चंग मण्डली के होली मिलन समारोह व् गणगौर उत्सव में पुरुषों महिलाओं व् कुँवारी कन्याओ ने माता गवरजा के गीत प्रस्तुत किये ।सजी धजी औरतो ने अपनी अपनी गवरजा को भी श्रगारित किया ।नये नये आभूषण भी गवरजा व् ईशर को पहना रखे थे जो बहुत ही आकर्षक थे । कार्यक्रम में रमक झमक को विशेष रूप से आमन्त्रित किया गया था । रमक झमक की और से पारम्परिक व् नये संदेश के गीतों व् अपनी गवरजा को सजाने व् अच्छे से सवारने के लिए महिलाओं व् बालिकाओं व् आयोजकों को अभिनन्दन पत्र देकर सम्मानित किया गया । इस अवसर पर नेरशा चंग मण्डल ने रमक झमक  के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ का आभार स्वरूप ओपरना पहनाया ।

 

img-20170330-wa0025 img-20170330-wa0023 img-20170330-wa0022

Like On Facebook
Facebook By Weblizar Powered By Weblizar

Copyright © 2015. All Rights Reserved.