शादी ओलंपिक

मिला पुरस्कार, दर्शको को बंटे उपहार, मंत्री ने गाये गीत देखे सभी

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मिला पुरष्कार दर्शको को बंटे उपहार मंत्री ने गाये गीत देखे सभी

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मंत्री कल्ला ने गाये विवाह के गीत देखिये वीडियो

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रमक झमक पर दूल्हा सम्मानित,प्रवासियो को व महिलाओं को डॉ कल्ला ने  प्रश्न पूछे व दिए गिफ्ट
स्वयं भी गाये गीत
रमक झमक की ओर से बारह गुवाड़ मुख्य चौक में विष्णु गणवेश में पहुचे प्रथम दूल्हे भैरु रतन पुरोहित को ‘सिरैपावणा बींद राजा’ खिताब से पुरस्कृत किया गया,श्रीनाथ जी की यात्रा पैकेज दिया गया । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’, जुगल किशोर ओझा पुजारी बाबा,मदनमोहन छंगाणी, शेर महाराज, लाल बाबा व बाबूलाल छंगाणी ने यात्रा टिकट व सम्मान पत्र देकर व ‘खिताब सिरै पावणा बींद राजा’खिताब देकर सम्मानित किया ।यात्रा एक माह के अंदर देय होगी ।  डॉ बी डी कल्ला व डिस्ट्रिक जज नृसिंहदास व्यास भी रमक झमक कार्यक्रम में शरीक हुवे । डॉ कल्ला व  पुजारी बाबा ने रमक झमक कार्यक्रम देखने आए  रॉयपुर, बंगलोर,कोलकता,हैदराबाद,उदयपुर,जोधपुर व दिल्ली से आए दर्शको को व कार्यक्रम देखने आए महिलाओं से वैवाहिक प्रश्न, गीत व सावा की रस्मों के बारे में पूछे और रमक झमक की ओर से गिफ्ट दिए ।  19 लोगों से लाइव प्रश्नोतरी कर गिफ्ट दिए गए । डॉ कल्ला ने बरी, खिरोड़ा  व छंकी के गीत स्वयं भी गा कर सुनाए । मेहंदी मोली नखजावित्री, हर आयो हर आयो सहित कई गीतों की कड़ियाँ गाई उपस्थित जन सैलाब ने उनके साथ टेर भरी ।जुआ टीका पौखना जैसी रस्म पर कई रोचक तथ्य भी सुनाए । कार्यक्रम संचालन करते हुवे बाबूलाल छंगाणी व गणेश कलवानी ने कविताए सुनाकर भीड़ को बांधे रखा ।
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बीकानेर में अनूठी 200 शादियां, दूल्हा विष्णु दुल्हन लक्ष्मी 

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बीकानेर में अनूठी 200 शादियां
दूल्हा विष्णु दुल्हन लक्ष्मी
न बेंड न बाजा फिरभी झूमें बाराती
बीकानेर । ऑलम्पिक शादियों से विख्यात पुष्करणा शादियों का सावा जो ऑलम्पिक शादियों का नाम से विख्यात है आज सम्पन्न हुवा । बिना बैंड बाजा के पौराणिक गणवेश में 150 से अधिक दूल्हे शादी के बंधन में बंधे । रमक झमक सस्था पौराणिक सस्कृति को सुरक्षित रखने के लिये ऐसे प्रयास  कर रही है ।आज पौराणिक गनवेशी दूल्हों का सम्मान किया गया जो खिड़किया पाग पीतांबर पहने नंगे पांव विवाह करने निकले इनको समान्नित किया । समय व रस्म का पालन करने वाले को श्रीनाथजी की यात्रा पैकेज दिया गया ।
रमक झमक की ओर से बारह गुवाड़ मुख्य चौक में विष्णु गणवेश में पहुचे प्रथम दूल्हे भैरु रतन पुरोहित को ‘सिरैपावणा बींद राजा’ खिताब से पुरस्कृत किया गया,श्रीनाथ जी की यात्रा पैकेज दिया गया । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’, जुगल किशोर ओझा पुजारी बाबा,मदनमोहन छंगाणी, शेर महाराज, लाल बाबा व बाबूलाल छंगाणी ने यात्रा टिकट व सम्मान पत्र देकर व ‘खिताब सिरै पावणा बींद राजा’खिताब देकर सम्मानित किया ।यात्रा एक माह के अंदर देय होगी ।  डॉ बी डी कल्ला व डिस्ट्रिक जज नृसिंहदास व्यास भी रमक झमक कार्यक्रम में शरीक हुवे । डॉ कल्ला व  पुजारी बाबा ने रमक झमक कार्यक्रम देखने आए  रॉयपुर, बंगलोर,कोलकता,हैदराबाद,उदयपुर,जोधपुर व दिल्ली से आए दर्शको को व कार्यक्रम देखने आए महिलाओं से वैवाहिक प्रश्न, गीत व सावा की रस्मों के बारे में पूछे और रमक झमक की ओर से गिफ्ट दिए ।  19 लोगों से लाइव प्रश्नोतरी कर गिफ्ट दिए गए । डॉ कल्ला ने बरी, खिरोड़ा  व छंकी के गीत स्वयं भी गा कर सुनाए । मेहंदी मोली नखजावित्री, हर आयो हर आयो सहित कई गीतों की कड़ियाँ गाई उपस्थित जन सैलाब ने उनके साथ टेर भरी ।जुआ टीका पौखना जैसी रस्म पर कई रोचक तथ्य भी सुनाए । कार्यक्रम संचालन करते हुवे बाबूलाल छंगाणी व गणेश कलवानी ने कविताए सुनाकर भीड़ को बांधे रखा।

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4:30 बजे तक आने वाले को श्रीनाथ जी यात्रा

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शादी से पहले और शादी के बाद भी सम्मान
रमक झमक मंच के पास 4:30 सर्वप्रथम पहुचने वाले दूल्हे को श्रीनाथजी यात्रा पैकेज के अलावा शादी करके सर्प्रथम रमक झमक कार्यालय के आगे पहुँचने वाले दम्पती का सम्मान भी किया जाएगा तथा होटल में सपत्नी डीनर दिया जाएगा । अध्यक्ष ने बताया की अगर 4:30 से पूर्व दो दूल्हे आ जाते है तो दोनों दूल्हों को सपत्नीक यात्रा दे दी जाएगी और अगर समय से पूर्व आ जाते है तो उन्हें 4:30  तक रुकना होगा.
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शाम को सावा संगीत धमाल में डॉ कल्ला, जनार्दन कल्ला, अर्जुन मेघवाल, सत्यप्रकाश आचार्य हुए शामिल भी हुवे शामिल

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शाम को सावा संगीत धमाल  डॉ कल्ला भी हुवे शामिल
सावे के अवसर पर रमक झमक संस्था के बैनर तले सावा संगीत धमाल वैवाहिक गीतों का कार्यक्रम आज शाम को रखा गया । डॉ बी डी कल्ला के आतिथि के रूप में उपस्थित हुवे ।  कार्यक्रम में आर के सुरदासानी, चंद्रेश शर्मा, सुशील छंगाणी, बीआर पुरोहित, आनंद मस्ताना, अशोक रँगा,बाबू लाल छंगाणी व श्रीमती गायत्री देराश्री ,श्रीमती पद्मा व्यास व मदन जैरी  सहित अनेक कलाकारों ने वैवाहिक पौराणिक गीत एवं धमाल प्रस्तुत की । अध्यक्षता जनार्दन कल्ला ने की । रमक झमक की ओर से डॉ कल्ला व जनार्दन कल्ला ने कलाकारों का सम्मान किया ।बाहर से आए हुए प्रवासियों ने गीतों का आनंद लिया ।
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प्रवासियों ने सावा को अद्धभुत बताया । रमक झमक ने किया प्रवासियों का अभिनन्दन ।

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रमक झमक संस्था द्वारा 12 गुवाड़ चौक स्थित कार्यालय में आज सावा देखने के लिए आए हुए प्रवासियों से सावा पर चर्चा की गई ‘सावा आपकी नजर में’ इस सेमिनार  में कोलकाता, मुंबई, रायपुर, चेन्नई, दिल्ली, फलोदी व श्रीगंगानगर   आदि सहित कई क्षेत्रों से लोग शामिल हुए । सभी प्रवासियों का मत था कि ऐसा सावा कहीं और देखने को नहीं मिलता ।कईयों ने इस सावा को अद्धभुत व अविस्मरणीय बताया  । अगर रमक झमक  जैसी संस्था की तरह और भी आयोजन होते रहे तो निश्चित रूप से सिर्फ पुष्करणा समाज की नहीं बल्कि इस बीकानेर शहर की संस्कृति हजारों हजारों वर्ष तक सुरक्षित रहेगी । इस अवसर पर  पर रोहित छंगाणी, शंकर लाल व्यास, श्रीमती इंदिरा व्यास, नारायण दास व्यास, शिवकुमार व्यास, गोपाल आचार्य, शिव लाल व्यास, बसंत पुरोहित, जेठमल रंगा, सुंदर लाल जोशी, गिरिराज देरसरी, श्री किशन देराश्री, किशनलाल सारस्वत , श्री गोवर्धन दास, राजश्री, शिव व्यास, पंडित जितेंद्र आचार्य,  आनंद महाराज, गोपाल महाराज, दाऊ लाल पुरोहित, श्रीमती गायत्री देराश्री व श्रीमती मीना देवी पुरोहित, रासबिहारी जोशी, शिव दयाल व्यास, रामदेव कल्ला, पंडित सुनील व्यास, रामगोपाल थानवी, सहित अनेक लोगों ने विचार रखे । अध्यक्षता राजगोपाल थानवी ने की ।कार्यक्रम का सयोजन बाबूलाल छंगाणी ने किया,अतिथियों का परिचय नारायण व्यास ने दिया । इस अवसर पर रमक झमक संस्था की ओर से प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ ने प्रवासियों को अभिनन्दन पत्र भेंट कर सम्मानित किया । रात को आर के सुरदासनी के नेतृत्व में सावा संगीत धमाल रमक झमक मंच पर होगा । सयोजन बाबूलाल छंगाणी ने किया ।श्याम कल्ला ने आभार जताया ।

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पुष्करणा सावा में होने वाले विवाह की प्रथम सूची जारी

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पुष्करणा सावा में होने वाले विवाह की प्रथम सूची जारी कर दी गई है जिसमे कन्या के घर पता व विवाह स्थल का पता दिया गया है व मोबाइल नंबर उपलब्ध करवाए गए है। विदित रहे की पुष्करणा सावे में होने वाले विवाह में समाज व समाज के अलावा अनेक लोग कन्या को नेक के रूप में या मुँह दिखाई के रूप में कुछ उपहार बांटते है और कन्यावल व्रत करते है और उन समस्त कन्याओं के विवाह संपन्न होने के बाद ही भोजन करते है। ये सूची उन लोगो के लिए उपयोगी साबित होगी. अगर किसी को इससे अधिक और प्रामाणिक जानकारी किसी के है तो रमक झमक मंच से संपर्क कर अपडेट करवा सकते है.

 

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