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जानिये पूनरासर मंदिर के बारे में

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करीब ३५० वर्ष पुराने पूनरासर हनुमान जी के मंदिर में शुरू से पुजारी बोथरा परिवार के रहे है इनके पूर्वजो द्वारा ही इस मंदिर की स्थापना की गई थी। भक्त जयराम दास बोथरा को चमत्कार हुआ था तब से ये परम्परा चली आ रही है। करीब एक लाख लोग पूनरासर दर्शन करने पहुंचते है।

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सियाणा भैरव मेला वीडियो

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बीकानेर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्वर्णाकर्षण भैरव सियाणा गाँव में मंदिर है जहाँ हज़ारों लोग पैदल, दंडवत करते हुए सियाणा पहुंचते है कई संस्थाएं अपनी सेवाएं देती है। भैरव मंदिर में जात झड़ूलें उतरते है यहाँ आने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। कलियुग में भैरव सबसे जल्दी फल देने वाले देवता माने जाते है।

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सियाणा मेले में 50 वर्षो से सेवा करने पर भंवरी देवी को तुम्बडी सम्मान

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सियाणा भैरव मेले पर सियाणा गाँव मे जातरूओं की विगत 50 से अधिक वर्षो से सेवा करने वाली ग्रामीण स्वयंसेवक वयोवृद्ध महिला ठकुराईन भंवरी देवी सांखला का भैरव भक्त स्व.छोटूलाल ओझा की स्मृति में रमक झमक संस्था द्वारा ‘भैरव तुम्बड़ी सम्मान’ से अलंकृत किया किया गया ।
कुंजबिहारी कल्ला,के के छंगाणी,बाबू ओझा,किशन ओझा,सतीश किराड़ू,लक्ष्मण ओझा,झवरलाल किराड़ू,अर्जुन ओझा,गजानन्द बिस्सा,चेतन जोशी ,बजरंग सुथार व बिट्ठल श्रीमाली ने भंवरी देवी सांखला को सम्मान स्वरूप अभिनन्दन पत्र,पीतल की तुम्बड़ी,शॉल,माला,ओपरणा व श्रीफल भेंट किया । यह सम्मान सियाणा में उन्हें अपने खेत में जाकर दिया गया। रमक झमक की ओर से प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ ने अभिनन्दन पत्र का वाचन किया तथा सुनील किराड़ू ने आभार व्यक्त किया ।

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भैरव तुम्बड़ी सम्मान हुवा वरिष्ठ स्वयंसेवकों का सम्मान

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रमक झमक संस्था द्वारा सियाणा भैरव के अनन्य भक्त स्वर्गीय पंडित छोटू लाल ओझा की स्मृति में भैरव तुम्बड़ी सम्मान समारोह मोती मानस भवन में आयोजित किया गया ।इस तुम्बड़ी सम्मान में भैरुनाथ के भक्त एवं स्वयंसेवक बुलाकीदास ओझा फुटरी महाराज, श्यामसुंदर छंगानी शेर महाराज, नंदलाल छंगाणी, मोतीलाल छंगाणी, दाऊलाल ओझा, शंकर लाल व्यास का शॉल, श्रीफल,माला, भैरव पुस्तक व भैरव नाथ का फोटो देकर रामदेव सेवा प्रन्यास के अधिष्ठाता संत भावनाथ महाराज, मनु भाई जी, एडवोकेट ओम भादाणी व पूर्व प्राचार्य ओंकारलाल व्यास ने सम्मानित किया। मेवा मिश्री से भरी तुम्बड़ी वयोवृद्ध श्रीमती रामकँवरी ओझा ने भेंट की ।
इस अवसर पर आर के सुरदसाणी द्वारा गाए गए भजन तुम्बड़ी का डिजिटल ऑडियो आरती ऑडियो कैसेट के राजू छंगाणी, राजस्थानी राजस्थान गो सेवा संघ के बलदेव भादाणी, सहायक कोषाधिकारी प्रदीप शर्मा एवं शिव शंकर ओझा ने लोकार्पण किया तथा गायक सुरदासाणी व संगीत निर्देशक चंद्रेश दिवाकर का अभिनंदन भी किया । कार्यक्रम से पूर्व भैरव नाथ की सामूहिक आरती वह तुम्बड़ी गाई गई। रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा’भैरु’ ने सम्मानित प्रतिभाओं का परिचय दिया। कार्यक्रम का काव्यात्मक संचालन कवि बाबूलाल छंगाणी ने किया, राधे ओझा ने आभार जताया। कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार एस पी पुरोहित व अजय जोशी ने आगंतुकों का स्वागत किया ।
कार्यक्रम में सन्त भवनाथ महाराज ने कहा कि भैरव नाथ सब भक्तों की तुम्बड़ी भरी रखे ,उन्होंने ने उपस्थित जनों से मेले में साफ सफाई रखने का आग्रह किया।

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सियाणा भैरव तूमड़ी भजन

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सियाणा भैरव तूमड़ी भजन वीडियो
लेखक – स्व भैरव भक्त छोटूलाल जी ओझा
गायक – आर के सुरदासानी
संगीत – चंद्रेश दिवाकर

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सियाणा मेला मार्ग में लगाए संकेतक, हटवाए कांटे

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सियाणा मेला मार्ग में रमक झमक ने लगाए संकेतक,हटवाए कांटे ।

बीकानेर ।सियाणा भैरव मेले के लिए कच्चे मार्ग में पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए रमक झमक संस्था की टीम ने हाड़ला प्याऊ से मोखड़ा गांव होते हुए सियाणा गांव तक रास्ते में रेडियम से संकेतक लगाए हैं । संकेतक के रूप में जय भैरनाथ व रमक झमक के स्टीकर लगाए गए हैं जहां खंबे या पेड़ नहीं है और रास्ता भटकने की गुंजाइश है वहां झाड़ियों पर रेडियम टेप लगाया गया है।
रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरू’ ने बताया कि 4 सितंबर को सियाणा धाम में भरने वाले सियाणा भैरव मेले के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोलकाता,मुंबई व चेन्नई आदि शहरों से आकर बीकानेर से पैदल जाते हैं । पैदल यात्रियों की रवानगी 2 तारीख दोपहर से शुरू होगी। ओझा ने बताया कि इस बार भारी बरसात के चलते मोखड़ा गाँव के आस पास कई जगह मार्ग पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है इसलिए पैदल यात्रियों के साथ में जाने वाले वाहन हाडला की डाम्बर वाली रोड़ होकर मोखड़ा पहुंचे तो असुविधा नहीं होगी। ओझा ने बताया कि पैदल यात्रियों को हाडला प्याऊ से सियाणा तक खेतों में से होकर जाने का रास्ता है जहाँ पशुओं से सुरक्षा के लिए ग्रामीणों ने खेतों के पास करीब 14 अस्थाई गेट बना रखे हैं इन गेटों के रास्ते से ही सियाणा जाना होगा रमक झमक टीम के साथ सियाणा ग्राम पंचायत के सरपंच पति अनिल रामावत भी साथ थे, रामावत ने अपने क्षेत्र के ग्रामीणों को कृषकों को 2 तारीख से 4 तारीख तक खेतों के गेट खुला रखने का आग्रह किया और ग्रामीणों ने भी आश्वासन दिया के हुए श्रद्धालुओं की हर संभव मदद करेंगे वहीं कच्चे मार्ग में बाड़ के कांटे जगह-जगह बिखरे पड़े थे उन्हें भी रामावत ने हटाने की तत्काल व्यवस्था की । रमक झमक टीम की ओर से हेमंत सोनी ने अनिल रामावत का आभार व्यक्त किया।

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भैरव तुम्बड़ी सम्मान 1 सितंबर को

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‘भैरव तुम्बड़ी सम्मान 2019’ इस बार दो स्वयं सेवकों को।

रमक झमक संस्था द्वारा सियाणा भैरव भक्त तुम्बड़ी वाले बाबा स्वर्गीय पंडित छोटूजी ओझा स्मृति ‘भैरव तुम्बड़ी सम्मान 2019’ इस बार दो सेवकों को दिया जाएगा। बीकानेर शहरी क्षेत्र में भैरव भक्तों की सेवा करने वाले,पैदल यात्रियों का नेतृत्व व निर्देशन करने वाले वरिष्ठ भैरव भक्त श्याम सुंदर छंगाणी उर्फ शेर महाराज को व सियाणा गांव में मेले पर हजारों श्रद्धालुओं की सेवा करने में अग्रणी परिवार स्वर्गीय ठाकर गुमान सिंह सांखला की 75 वर्षीय पत्नी ठकुराईन श्रीमती भंवरी देवी सांखला को दिया जाएगा । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरू’ ने बताया कि बीकानेर शहर में यह सम्मान समारोह 1 सितंबर रविवार अपराह्न 4:00 बजे मोती मानस भवन में होगा । जबकि दूसरा सम्मान का कार्यक्रम 4 सितंबर सियाणा भैरव मेले पर ही सियाणा गांव में ही होगा जहां श्रीमती भंवरी देवी को तुम्बड़ी सम्मान से नवाजा जाएगा । रमक झमक के राधे ओझा ने बताया की सम्मान में परंपरागत रूप से तुम्बड़ी,अभिनंदन पत्र, शाल व श्रीफल दिया जाएगा।

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