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होली के बाद जाम बीज को पापड़ उवारना भी जरूरी

होली खेलने के बाद राम राम वाले दिन या उसके अगले दिन द्वितीया को जिसे जाम बीज या जमला बीज भी कहते है, इस दिन बहन भुआ या स्वास्नी अपने भाई भतीजे आदि को उनके ऊपर से एक उतारा करने की परम्परा है। पानी का लौटा, तला पापड़, कैर, काचरी व फली तली हुई लेकर उपर से उवारती है यानी क्लॉक वाइज घुमाती हैं फिर घर से बाहर जाकर पापड़ आदि सामग्री सड़क पर रख उसके चारों ओर एक वृत्ताकार ...
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होलिका दहन और माला घोलाई मुहूर्त

वर्ष 2020 मार्च 9,फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा सोमवार । माला घोलाई मुहूर्त लगभग 1:11 दोपहर बाद। होलिका दहन मुहूर्त शाम 6:28 से 8:55 तथा सिंह लग्न भी । (जानकारी सोर्स पत्रिका) माला घोलाई भरभोलिये यानि गोबर की माला से करना उत्तम, पूरी जानकारी के लिए देखें वीडियो - ...
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गोबर की माला (भरभोलिए) से करें माला घाेलाई की रस्म

होली वाले दिन भाई के माला घोलाई की परम्परा है। आजकल होली के दिन माला घोलाई रस्म भाई को पुष्प माला पहनाकर की जा रही है, जो गलत है। इन्ही पुष्प माला को होली में डाला जा रहा है जो पूर्णतया निषेद्ध है । तो आइये जानते क्या करना चाहिये जिससे भाई की रक्षा दैहिक रक्षा हो और पर्यावरण शुद्ध हो तथा स्वयं बहन के लिये भी मंगल हो । क्या होते है भरभोलिये:- (रमक झमक) देशी गाय के गोबर ...
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वास्तव में क्या और कैसे होती है डोलची

ये है वास्तविक 'डोलची' -यह चमड़े की बनी होती है। -डोलची ऊंट की खाल से बनी होती है। -इसके पीछे लकड़ी का हत्था इसे पकड़ने के लिये होता है। -इसमें करीब 800 से 900 ml पानी भरा जाता है। -इसका आगे का मुंह तिकोना टाइप होता है। -यह दो प्रकार की होती है,लेफ्ट हेंडर के लिये अलग व राइट हेंडर के लिये अलग। -इसकी लम्बाई 9 इंच होती है। -इसका मुच् करीब साढ़े तीन से चार इंच तक बनावट के ...
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अब हर रोज 11:56 पर भूरी में भगवान- बीकानेर होली

पहले साफी साफ कर पीछे रंग लगाय! चला जाए कैलाश को शिव को शीश निवाय!! दाऊ के दयाल बृज के राजा ! भांग पीवे तो भेरूकुटिया आजा!! हरी में हर बसे भूरी(भांग) में भगवान वैसे तो भांग जिन्हें भांग प्रेमी व शिव भक्त विजया कहते है,रोज 11:56 जो अभिजीत मुहूर्त होता है उस समय मन्त्रो भजनों के साथ बड़े जोश उल्लास और आध्यात्मिक माहौल बनाकर भांग घोटते व छानते है लेकिन होली में होलका के साथ हर रोज किसी न ...
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