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गोबर की माला (भरभोलिए) से करें माला घाेलाई की रस्म

होली वाले दिन भाई के माला घोलाई की परम्परा है। आजकल होली के दिन माला घोलाई रस्म भाई को पुष्प माला पहनाकर की जा रही है, जो गलत है। इन्ही पुष्प माला को होली में डाला जा रहा है जो पूर्णतया निषेद्ध है । तो आइये जानते क्या करना चाहिये जिससे भाई की रक्षा दैहिक रक्षा हो और पर्यावरण शुद्ध हो तथा स्वयं बहन के लिये भी मंगल हो । क्या होते है भरभोलिये:- (रमक झमक) देशी गाय के गोबर ...
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बीकानेर का कुंभ मेला

हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन कपिल मुनि कोलायत का मेला भरता है लेकिन इस बार कोरोना के चलते इसे रद्द कर दिया गया है लेकिन हम हमारे यूट्यूब चैनल के माध्यम से कोलायत की ऐसी जानकारी लेकर आये है जो सायद ही आपको मालूम हो। भारत मे कपिल मुनि के कितने मंदिर है ? बीकानेर के कोलायत का कपिल मुनि मंदिर सबसे खास महत्व क्यो रखता है ? यह मंदिर कब और किसके द्वारा बनाया गया था ? यहाँ ...
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गोपाष्टमी पर्व क्यों मनाया जाता है कैसे करे गौ पूजन

गोपाष्टमी पर्व गौ उत्सव के रूप में मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में गाय के लिए सर्वप्रथम रोटी निकालना, गुड़ देना व पूजा करना शामिल है। लेकिन किसी उत्सव के लिए एक विशेष दिन होता है और गायों के लिए विशेष दिन गोपाष्टमी माना जाता है। जिसे स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने पूजा हो वो मनुष्यों के लिए पूजनीय तो वैसे भी हो जाती है। जिसे हम ईश्वर मानते है वही ईश्वर अगर किसी को पूजे तो वो हमारे लिए ...
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तुलसी माता का व्रत कैसे करें, अखंड दीपक मुहूर्त व उद्धापन की जानकारी

आंवला नवमी से शुरू होने वाला 3 दिनों का तुलसी माता व्रत समस्त पापो को नष्ट करके विष्णुलोक की प्राप्ति कराने वाला है। इस व्रत को करने से सारे पाप खत्म हो जाते है। एक बार धर्मराज युधिष्ठिर के पूछने पर भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि सतयुग में मुनि वशिष्ठ के निर्देश के अनुसार सर्वप्रथम इस व्रत को अरूंधत्ति ने किया था। इसी प्रकार देवलोक में ब्रह्मा जी के कहने पर सावित्री और इंद्राणी द्वारा इस व्रत को किया गया ...
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गौ की धूल, परिक्रमा व जुगाली देगी लाभ – गोपाष्टमी

गाय और गोपाल:- गोपाष्टमी के दिन बालकृष्ण ने गौओं को चराना शुरू किया, गौ का पालन करने से श्री कृष्ण का नाम गोपाल पड़ा और कार्तिक शुक्ला अष्टमी को गोपाष्टमी कहा जाने लगा और कृष्ण का नाम गोपाल भी पड़ा। प्रत्यक्ष देवी गाय:- गाय सर्वदेवमयी है, इसमें 33 कोटि देवता निवास करते है। इस धरा पर गाय और गंगा प्रत्यक्ष देवी है। गोपाष्टमी पर क्या करें:- गौधूलि बेला पर घर से बाहर पश्चिम की ओर मुख करके दीपक करें। गाय ...
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