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सियाणा धाम के लिए मार्ग का पोस्टर जारी, पैदल जाने वाले मार्ग व उनके बीच की दूरी बताई गई

सियाणा भैरव पैदल यात्रियों के लिये जाने वाले मार्ग व उनकी दूरी इमेज में बताई गई है । सियाणा मेला 7 सितम्बर को है । मोखड़ा गांव में प्रवेश से पहले बरसात से तीन जगह पूर्णतया मॉर्ग क्षतिग्रस्त है इसलिए यात्रियों को कांटो व मार्ग ना भटके इसके लिए सावधानी बरतनी होगी। कच्चे मार्ग में कई जगह रेडियम लगाये गए है जो मार्ग पहचानने में मदद करेंगे लेकिन गाँव में हो रही लगातार बारिश के कारण नयी पगडंडिया बन जाती ...
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जस्ट राजस्थान

सियाणा पद यात्रियों के लिए कच्चे मार्ग में लगाये संकेतक, टुटा मार्ग ठीक करने की प्रशाशन को की अपील

मेला मगरिया 2016 बीकानेर। सियाणा भैरव धाम को पैदल जाने वाले यात्रियों के लिए हर बार की तरह इस बार भी रेडियम के संकेतक लगाएं गए है जिससे की यात्रियों को सही मार्ग पहचानने में सुविधा हो सके। गौरतलब है कि कई बार यात्री कच्चे मार्ग में रात के समय रस्ता भूल जाते है इसको ध्यान में रखते हुए रेडियम से पेड़ो पर 'जय भैरुनाथ' व 'रमक-झमक' के बोर्ड लगाएं गए है जो रात में भी बैट्री की रौशनी में भी दिखाई ...
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रक्षाबंधन पर हैं पूरे दिन के शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन पर हैं पूरे दिन के शुभ मुहूर्त... 18 अगस्त को आ रहे भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर इस बार भद्रा का साया नहीं पड़ेगा। तीन वर्ष के बाद यह संयोग बन रहा है, जब रक्षाबंधन के दिन लोगों को भद्रा काल देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग दिनभर शुभ मुहूर्तों में राखी बांध सकेंगे। साथ ही इस बार सिंहसान-गौरी योग के बनने से रक्षाबंधन का पर्व और भी विशेष रहेगा। , इस बार श्रावण शुक्ल पूर्णिमा रक्षाबंधन का ...
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स्वदेशी राखी अपनाएं

रक्षाबंधन के पर्व की वैदिक विधि-वैदिक रक्षा सूत्र बनाने की विधि : इसके लिए ५ वस्तुओं की आवश्यकता होती है - (१) दूर्वा (घास) (२) अक्षत (चावल) (३) केसर (४) चन्दन (५) सरसों के दाने। इन ५ वस्तुओं को रेशम के कपड़े में लेकर उसे बांध दें या सिलाई कर दें, फिर उसे कलावा में पिरो दें, इस प्रकार वैदिक राखी तैयार हो जाएगी। इन पांच वस्तुओं का महत्त्व - (१) दूर्वा - जिस प्रकार दूर्वा का एक अंकुर बो देने पर तेज़ी से फैलता है और हज़ारों की ...
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